Jaunpur News: शची माता सेवा न्यास ने आयोजित किया 77वां जन्मोत्सव समारोह
जीबी सिंह @ नया सवेरा
सुजानगंज, जौनपुर। विगत 77 वषों पूर्व जन्म लिए साडी खुर्द वर्तमान के शचीपुरम गांव में अवतरित हुए बालक गिरधरलाल मिश्र का 14 जनवरी सन-1950 की मकर संक्रांति के पावन पर्व पर पिता स्वर्गीय राजदेव मिश्र की दुसरी सन्तान के रूप में माता श्रीमती शची मिश्रा जी की कोख से बालक का जन्म हुआ। इनके पिता राजदेव मिश्र,एक सरयू पारीण मिश्र वंश में,उच्च ब्राम्हण कुल से थे। जन्म के दो माह बाद ही भौतिक नेत्रज्योति समाप्त हो गई किंतु एक ही बार सुनकर किसी विषय को कंठस्थ कर लेने की असाधारण शक्ति आपके पास विद्धमान है।
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आपको पांच वर्ष की आयु में ही श्रीमद्भागवत गीता और सात वर्ष की आयु में श्रीरामचरितमानस कंठस्थ हो गया था। पितामह पंडित सूर्यबली मिश्र ने आपश्री धार्मिक शास्त्रों को सुनाकर कंठस्थ कराते थे। एक बार जो भी पाठ, श्लोक , बालक गिरधरलाल सुनते थे वह हमेशा के लिए कंठस्थ हो जाती थी। इनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में और उच्च शिक्षा के लिए आचार्य श्री गौरीशंकर संस्कृत महाविद्यालय सुजानगंज में हुई। बालक गिरधरलाल मिश्र की मेधा शक्ति इतनी अधिक थी कि कोई भी गुरु आचार्यश्री अध्धयन कराते थे वह तुरंत ही कंठस्थ हो जाता। धीरे-धीरे बालक गिरधरलाल मिश्र अपने घर से उच्च शिक्षा के लिए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, काशी में पढ़ने के लिए गये। धीरे-धीरे आपकी विद्वता,मेधा शक्ति बढ़ने लगी। आपके विषय में हजारों संस्मरण उपलब्ध है।आज आपके 77 वां जन्मदिवस के अवसर पर आपके पैतृक जन्म भूमि में शची सदन,शचीपुरम, सुजानगंज में भी पूजा -पाठ करते हुए मिठाई बांटी गई। यह आयोजन आपके पूजया माताजी के नाम पर संचालित,शची माता सेवा न्यास, शचीपुरम, समाजसेवी ट्रस्ट द्वारा जन्मोत्सव समारोह आयोजित किया गया। जो पैतृक परिवार के कका पंडित ब्रम्हदेव मिश्र, रमापति मिश्र, छोटे अनुज चंद्रकांत मणि मिश्र, सुबेदार मिश्र, अरविंद मिश्र, आंनद मिश्रा, पुत्र आशीष मिश्रा, लोकेश मिश्रा, शिवम् सिंह गांव के अन्य लोग उपस्थित रहे।इस आशय की जानकारी शची माता सेवा न्यास के सचिव एस0 पी0 मिश्रा ने दी।
