Jaunpur News: आरटीआई मांगने पर सूचना के साथ समाधान देने पर आयोग का जोर
वीरेंद्र प्रताप सिंह @ नया सवेरा
जौनपुर। राज्य सूचना आयुक्त उप्र वीरेंद्र प्रताप सिंह ने जनपद आगमन के दौरान आरटीआई अधिनियम के बारे में जानकारी देते बताया है कि प्रदेश में आरटीआई मांगने पर सूचना के साथ समाधान देने पर आयोग का जोर है। इसका संदेश जनता के बीच पहुंचना चाहिए। मामलों के निस्तारण के लिए जो लोग आयोग पहुंच रहे हैं, आयोग का संकल्प है कि तीन सुनवाई में प्रकरण का निस्तारण कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सूचना आयोग के प्रति आम जनता का भरोसा बढ़ा है। हालांकि कुछ आरटीआई कार्यकर्ता इसका दुरुपयोग बड़ी संख्या में सूचनाएं मांग कर कर रहे है। इससे शासन प्रशासन के सामान्य कामकाज में बाधा उत्पन्न होती है।
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सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि किसी भी स्थिति में शासन प्रशासन के 75 फीसदी अधिकारी अपना 75 फीसदी समय सूचना जुटाने में नहीं लगा सकते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि कुछ गोपनीय सूचनाएं जैसे विजिलेंस, जांच, सुरक्षा आदि जुड़े मामले की जानकारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आरटीआई के जरिए आमजन को बहुत सहूलियत हुई है। अधिकारियों द्वारा समय से जुर्माना न देने पर लापरवाही करने पर दंडित किया जाता है। आरटीआई अधिनियम के तहत कोई भी लोक सूचना अधिकारी दुर्भावनापूर्वक कोई जानकारी देने से इन्कार करता है या गलत जानकारी देता है या आधी अधूरी जानकारी देता है या फिर कोई जानकारी देने से बचने के लिए दस्तावेज नष्ट करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।


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