Bareilly News: चिकित्सक आयुर्वेद को सर्वसुलभ, आधुनिक व अनुसंधानशील बनाएं : संतोष गंगवार
दो दिवसीय चिकित्सा गुरुकुलम बरेली में आयोजन
निर्भय सक्सेना @ नया सवेरा
बरेली। विश्व आयुर्वेद परिषद व रोहिलखंड आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में पंचकर्म एवं क्षारसूत्र विषय पर दो दिवसीय चिकित्सा गुरुकुलम कार्यशाला में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने चिकित्सकों, शिक्षकों व छात्रों से आयुर्वेद को सर्वसुलभ, आधुनिक व अनुसंधानशील बनाने का आह्वान किया। इससे पूर्व गुरुकुलम कार्यशाला का झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार एवं विथरी चैनपुर से बीजेपी विधायक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा द्वारा भगवान धन्वन्तरि की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं धन्वन्तरि वंदना से आरंभ हुआ। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने उद्बोधन में आयुर्वेद के साथ अपने आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए झारखंड राज्य में आयुर्वेद के प्रचार- प्रसार एवं अनुसंधान के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया।
बीजेपी विधायक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने आयुर्वेद को जीवन का विज्ञान बताते हुए इसकी वैज्ञानिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। विश्व आयुर्वेद परिषद के संगठन मंत्री प्रो. योगेश चंद्र मिश्र ने परिषद की गतिविधियों की जानकारी दी। वहीं बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. केशव कुमार अग्रवाल ने निकट भविष्य में योग व नेचुरोपैथी संस्थान स्थापित करने की भी घोषणा की।
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इस अवसर पर विश्व आयुर्वेद परिषद, बरेली के महामंत्री डॉ. अनीमेश मोहन ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सकों के क्लिनिकल अपलिफ्टमेंट और वैश्विक मांग को पूरा करने हेतु उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की आवश्यकता है और चिकित्सा गुरुकुलम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम को एन सी आई एस एम भारत सरकार की स्वीकृति प्राप्त होना इस आयोजन को अतिरिक्त प्रामाणिकता और महत्व प्रदान करता है।
दो दिवसीय गुरुकुलम कार्यशाला के प्रथम सत्र में प्रो. डी. के. द्विवेदी ने भगंदर में क्षारसूत्र चिकित्सा पर विस्तार से व्याख्यान दिया। द्वितीय सत्र में बरेली के प्रसिद्ध एनोरेक्टल सर्जन डॉ. लालता प्रसाद ने अर्श रोग के प्रबंधन पर अपने विचार रखे। तृतीय सत्र में मुंबई से आए विश्वप्रसिद्ध पंचकर्म विशेषज्ञ प्रो. यू. एस. निगम ने अपने विस्तृत नैदानिक अनुभव साझा करते हुए आधुनिक जीवनशैली से उपजी चुनौतियों के समाधान में पंचकर्म चिकित्सा की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आकांक्षा एवं अध्यक्ष डॉ धीरज ने सभी को धन्यवाद दिया।
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