UP News : हेल्थ टूरिज्म का हब बन रहा गौतमबुद्ध नगर : योगी | Naya Savera Network
- ग्रेटर नोएडा में 'शारदा केयर-हेल्थ सिटी' का सीएम योगी ने किया लोकार्पण
- बोले योगी, सभ्य समाज के लिए अच्छी शिक्षा के साथ-साथ उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं आवश्यक
- सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए
- यूपी में बीते 8 साल में सुदृढ़ हुई हैं स्वास्थ्य व्यवस्थाएं : मुख्यमंत्री
- निवेशकों की सुरक्षा व व्यवस्था में सुधार को सरकार प्रतिबद्ध
नया सवेरा नेटवर्क
गौतमबुद्ध नगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर गौतमबुद्ध नगर पहुंचकर ग्रेटर नोएडा में 'शारदा केयर-हेल्थ सिटी' का लोकार्पण किया। इस अवसर पर सीएम योगी ने शारदा ग्रुप को धन्यवाद देते हुए इसे सेवा और निवेश का अनूठा संगम बताया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सभ्य समाज के लिए अच्छी शिक्षा के साथ-साथ उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं आवश्यक हैं। उन्होंने निजी क्षेत्र के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। सीएम योगी ने शारदा यूनिवर्सिटी को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि हेल्थ टूरिज्म बहुत बड़ा सेक्टर है और गौतमबुद्ध नगर इसका बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। यही कारण है कि आज पूरी दुनिया की निगाह हमपर है।
सीएम ने पिछले एक दशक में स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुई प्रगति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जहां 70 साल में देश में 6 एम्स खुले, वहीं पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 साल में इनकी संख्या 22 हो गई। उत्तर प्रदेश में 2017 तक केवल 12 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन पिछले 8 साल में 40 नए मेडिकल कॉलेज बनाए गए हैं। इसके अलावा निजी क्षेत्र में 37 और पीपीपी मॉडल में 3 नए मेडिकल कॉलेज (महाराजगंज, संभल और शामली) स्थापित किए गए हैं। आने वाले समय में बलिया और बलरामपुर में भी मेडिकल कॉलेज बनेंगे, जिसके लिए बजट में व्यवस्था की गई है। इसके बाद बचे हुए 6 जनपदों में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित होंगे।उन्होंने आगे बताया कि यूपी में दो एम्स (गोरखपुर और रायबरेली) और बीएचयू का आईएमएस मौजूद है। हर जनपद में निःशुल्क डायलिसिस, सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर डॉक्टर और तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध हों, इसके लिए भी प्रयास किए गए हैं। हर रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 'मुख्यमंत्री आरोग्य मेला' आयोजित होता है, जहां स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी जाती है। योगी ने कहा कि देश में सर्वाधिक 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत के गोल्डन कार्ड यूपी में दिए गए हैं। इसके अलावा, आशा वर्कर, एएनएम, होमगार्ड, पीआरडी जवान और चौकीदारों को भी 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा। पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए भी कई अहम कदम उठाए गए हैं।मुख्यमंत्री ने हेल्थ टूरिज्म को एक बड़ा क्षेत्र बताते हुए कहा कि भारत इसमें अग्रणी हो सकता है और गौतमबुद्ध नगर एआई का बड़ा केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
सीएम ने कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि जब दिल्ली में अव्यवस्था थी, तब मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर और शामली में लोग इलाज के लिए आए। इस दौरान शारदा ग्रुप ने जनता की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विश्वास जताया कि शारदा केयर-हेल्थ सिटी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगा।उन्होंने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश ही नहीं देश के बड़े आईटी हब के रूप में विकसित हुआ है। यह क्षेत्र आज के युवा और वैश्विक आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है। आज का युवा अलग पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को प्रदेश में 15 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश के प्रस्ताव को जमीन पर उतारने में सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि एक ओर जहां हमने उत्तर प्रदेश के युवाओं को प्रदेश में ही नौकरी देने में हमने सफलता प्राप्त की है, वहीं प्रदेश सरकार ने लोगों में कानून व्यवस्था तथा प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ाया है, जिसके कारण उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ा है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', योगेंद्र उपाध्याय, सांसद डॉ. महेश शर्मा, सुरेंद्र नागर, विधायक धीरेंद्र सिंह, एमएलसी श्रीचंद शर्मा, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, शारदा विश्वविद्यालय के चांसलर पीके गुप्ता, वाइस चांसलर वाईके गुप्ता, प्रशांत गुप्ता, ऋषभ गुप्ता सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।


