Panchang: शीतला सप्तमी पर बन रहा है बड़ा ही शुभ योग, पंचांग से जानें पूजा मुहूर्त | Naya Sabera Network

Panchang: शीतला सप्तमी पर बन रहा है बड़ा ही शुभ योग, पंचांग से जानें पूजा मुहूर्त | Naya Sabera Network

नया सवेरा नेटवर्क

🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞

⛅दिनांक - 21 मार्च 2025

⛅दिन- शुक्रवार

⛅विक्रम संवत् - 2081

⛅अयन - उत्तरायण

⛅ऋतु - बसन्त

⛅मास - चैत्र

⛅पक्ष - कृष्ण

⛅तिथि - सप्तमी प्रातः 04:23 मार्च 22 तक तत्पश्चात् अष्टमी

⛅नक्षत्र - ज्येष्ठा रात्रि 01:46 मार्च 22 तक तत्पश्चात् मूल 

⛅योग-  सिद्धि शाम  06:42 तक तत्पश्चात् व्यतीपात

⛅ राहुकाल - सुबह 11:16 से दोपहर 12:47 तक 

⛅सूर्योदय - 06:49

⛅सूर्यास्त - 06:46

⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में

⛅ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 05:08 से प्रातः 05:55 तक,

⛅अभिजीत मुहूर्त -  दोपहर 12:23 से दोपहर 01:11 तक

⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:23 मार्च 22 से 01:10 मार्च 22 तक

⛅व्रत पर्व विवरण - शीतला सप्तमी,  व्यतीपात योग (शाम 06:43 से शाम 06:37 मार्च 22 तक) 

⛅ विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है व शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🔹क्रोध पर नियंत्रण कैसे पायें ?🔹

🔸क्रोध भस्मासुर है, करा-कराया सब खाक कर देता है । जिन्हें क्रोध पर नियंत्रण पाना हो वे नीचे दिये गये सरल एवं कारगर उपायों में से एक या अधिक उपायों का लाभ अवश्य लें ।

🔸(१) एक कटोरी में जल लेकर उसमें देखते हुए 'ॐ शांति... शांति... शांति... ॐ...' इस प्रकार २१ बार जप करें और वह जल पी लें तो क्रोधी स्वभाव में बदलाहट आयेगी ।

🔸(२) जब क्रोध आये तो उस समय अपना विकृत चेहरा आईने में देखने से भी लज्जावश क्रोध भाग जायेगा ।

🔸(३) सुबह नींद में से उठते ही बिस्तर पर बैठ के ललाट पर तिलक करने की जगह पर अपने सद्‌गुरु या इष्ट का ध्यान करें । बाद में संकल्प करते हुए एवं यह मंत्र बोलते हुए क्रोध की मानसिक रूप से अग्नि में आहुति डालें: ॐ क्रोधं जुहोमि स्वाहा ।

🔸(४) एक नग आँवले का मुरब्बा रोज सुबह खायें व शाम को एक चम्मच गुलकंद खाकर दूध पी लें, इससे विशेषकर पित्तप्रकोपजनित क्रोध पर नियंत्रण पाने में सहायता मिलेगी । (शुक्रवार व रविवार को आँवले का सेवन न करें ।)

🔹कब्जनाशक प्रयोग🔹

 कब्ज अनेक रोगों का गढ है । कब्ज दूर करने के लिए निम्न उपाय करें ।

🔸 रात को हरड़ पानी में भिगोकर रखें । सुबह थोड़ी सी हरड़ उसी पानी में रगड़ें और थोड़ा सा नमक मिलाकर पियें ।

🔸 सूर्योदय से पहले खाली पेट रात का रखा हुआ पानी आवश्यकतानुसार पियें (गुनगुना हो तो उत्तम) ।

🔸 मेथी के पत्तों की सब्जी खायें ।

🔸 धनिया, पुदीना, काला नमक व काली मिर्च की चटनी भोजन के साथ लें ।

🔸 श्वास बाहर निकालकर गुदाद्वार का संकोचन विस्तरण (अश्विनी मुद्रा) करने को थलबस्ती कहते हैं। यह प्रयोग रोज तीन-चार बार करने से भी कब्ज दूर होता है और वीर्यहानि, स्वप्नदोष एवं प्रदर रोग से रक्षा होती है । व्यक्तित्व विकसित होता है ।

*जौनपुर टाईल्स एण्ड सेनेट्री | लाइन बाजार थाने के बगल में जौनपुर | सम्पर्क करें - प्रो. अनुज विक्रम सिंह, मो. 9670770770*
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