एक कदम सफलता का | #NayaSaveraNetwork
@ नया सवेरा नेटवर्क
ना जाने कौन दे गया ये मौका मुझे, आज फिर वो सफलता का रास्ता मुझे नज़र आया है। एक कदम आज फिर उस सफलता की ओर उठाने का मन मे ख्याल आया है। ना जाने क्यों जकड़ा हुआ है इन जंजीरों ने मुझे, आज फिर इन जंजीरों को तोड़ने का मन में ख्याल आया है। कितनी देर चल पाऊँगी उस रास्ते पर मैं, ये सोच कर मन मेरा डगमगाया है। लेकिन एक कदम सफलता की ओर बढ़ाने का मन मे ख्याल आज फिर से आया है।
मैं जानती हूँ उस रास्ते पर मुश्किलें बहुत होगी, पर ना जाने हर मुश्किल का सामना करने का हौसला मैने पाया है। आज फिर न जाने एक कदम सफलता के ओर बढ़ाने का मन मे ख्याल आया है। जब होगा मुश्किलों से सामना, तब ना डगमगाने दूंगी ये कदम। दूर होगी हर मुश्किलें देखकर मेरे बढ़ते हुए कदम। चुम लूंगी उस सफलता के शिखर को एक दिन, क्योंकि आज फिर से मैंने सफल होने का एक मौका ओर पाया है। ये मौका मैं ना दूंगी खोने ये ख्याल मन मे उठ आया है। आज फिर सफलता की और एक कदम मैंने बढ़ाया है।
रचना: हिरण 'प्रीतम'

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