जौनपुर: तीन बार समय सीमा बढ़ाने के बाद नहीं हो सका एसटीपी का कार्य | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
अमृत योजना के तहत शहर में जगह जगह खोदे गये हैं बड़े गड्ढे
मजदूर रिजवान की मौत से पहले कई राहगीर हो चुके हैं घायल
जौनपुर। नगरपालिका परिषद में चल रहे एसटीपी के तहत करीब पांच सौ पचास करोड़ की परियोजना का कार्य विगत चार वर्षों से चल रहा है। जिसकी समय सीमा दो बार बढ़ाई गई बावजूद इसके काम अब तक पूरा न हो सका। धीमी गति से कार्य होने से इस योजनाओं पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं बावजूद इसके प्रशासन के कानों पर जंू तक नहीं रेंगती है। मंगलवार को अहमदखां मंडी में सीवर लाइन का गड्ढा खोदने के दौरान मजदूर रिजवान की मौत ने इसे एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है हलांकि इस बारे में मृतक के पीडि़त परिजनों द्वारा कोई भी मुकदमा नहीं दर्ज कराया गया तो कार्यदायी संस्था टेलिक्राफ्ट कंस्ट्रक्शन प्रा.लि.नोएडा को थोड़ी राहत मिल गई पर इस मौत का जिम्मेदार कौन है ये सवाल आज भी लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अमृत योजना व नमामि गंगे के तहत चार वर्ष पूर्व नगर में सीवर बिछाने को लेकर शहर के प्रमुख मार्गों की खुदाई का काम शुरू हुआ था और इनमें पाइपलाइन डालने का कार्य जो अभी भी जारी है पूरा कार्य शासन की तरफ से अक्टूबर 2021 में पूरा हो जाना चाहिए था। कार्यदायी संस्था द्वारा शासन से काम पूरा न होने पर समय सीमा बढ़ाकर दिसंबर 2021 कर दी गई बावजूद इसके कार्य पूरा नहीं हुआ तो शासन ने खराब प्रगति पर बासठ हजार रूपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगा दिया क्योंकि तब तक चालीस फीसद ही काम पूरा हुआ था। इसके बाद समय सीमा बढ़ाकर मार्च 2023 किया गया। में वसूली के बाद 20 नवंबर 2022 को पुन: नोटिस जारी करके जुर्माना लगाया गया। दोनों का जुर्माना करीब तिरासी लाख रूपया कार्यदायी संस्था को भेजा गया बावजूद इसके कार्यदायी संस्था लगातार कार्य में लापरवाही करती हुई नजर आई। साथ ही कार्य योजना की समय सीमा दिसंबर 2024 तक बढ़ा दी गई। वर्तमान स्थिति को देखा जाये तो केवल 57 फीसदी ही काम पूरा हुआ है ऐसे में एक बार पुन: समय सीमा का बढ़ना तय माना जा रहा है। अधिशासी अभियंता जल निगम शहरी सचिन सिंह ने बताया कि समय सीमा बढ़ाने का काम शासन स्तर पर होता है संस्था पर लापरवाही व गैर जिम्मेदारी के चलते दो मुकदमें भी दर्ज कराये जा चुके हैं और तिरासी लाख जुर्माना भी लगाया जा चुका है। समय समय पर इसकी प्रगति रिपोर्ट शासन को भेज दी जाती है और जो भी कार्यवाही शासन स्तर से होती है उसे कार्यदायी संस्था को अवगत करा दिया जाता है। वर्तमान में भी 15 दिन पूर्व नोटिस दी जा चुकी थी। उन्होंने बताया कि अमृत योजना के तहत शहर में 179 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने का काम होना है लेकिन अभी तक 120 किलोमीटर पाइप लाइन डालने के साथ ही भौतिक प्रगति केवल 57 फीसदी हो चुकी है। नगर में सुंदर नगर कालोनी,नवाब यूसफ रोड से कुत्तपुर शाहगंज रोड की तरफ कार्य चल रहा है व कलेक्ट्रेट कचहरी के पास भी गड्ढे खोदे गये हैं। पॉलिटेक्निक से रूहट्टा मार्ग का कार्य भी अधूरा है। देखा जाये तो नगर के अधिकांश इलाकों में बड़े बड़े गड्ढे खोद तो दिये गये पर सुरक्षा के इंतजाम न होने के चलते लोग रात के अंधेरे में दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। वहीं तारपुर कालोनी के बाहर मुख्य सड़क से मछलीशहर पड़ाव तक सड़क पूरी तरह खराब है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष फैसल हसन तबरेज ने आरोप लगाया कि एसटीपी कार्य योजना पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है और इसपर सरकार की कड़ी कार्रवाई न होना इस बात का प्रमाण है कि सत्ता में बैठे लोगों का कार्यदायी संस्था के ऊपर पूरा हाथ है और मजदूर रिजवान की मौत के जिम्मेदार ये लोग हैं। उन्होंने मांग किया कि मृतक के परिजनों को एक करोड़ रूपया मुआवजा दिया जाये।