तेलंगाना विधानसभा चुनाव प्रचार थमा, 30 नवंबर को होगा मतदान | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
हैदराबाद। तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिये प्रचार अभियान गुरुवार शाम को थम गया। राज्य में चुनाव प्रचार के थमने से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने बड़े पैमाने पर प्रचार किया। राज्य में भारत राष्ट्र समिति (BRS) लगातार तीसरी जीत के लिए प्रयासरत है। कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की कोशिश में जहां अपनी छह गारंटी पर जोर दिया वहीं भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने पिछड़े वर्ग के उम्मीवार को मुख्यमंत्री बनाने के नारे के तहत जम कर प्रचार किया। बीआरएस ने काफी पहले एक मजबूत चुनाव अभियान शुरू कर दिया था। बीआरएस अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव (kcr) ने मंत्री के टी रामाराव (केटीआर) और हरीश राव के साथ मिलकर पूरे राज्य में जोरदार चुनाव अभियान चलाया। अकेले मुख्यमंत्री केसीआर बीआरएस उम्मीदवारों के समर्थन में ‘प्रजा आशीर्वाद सभा’ नामक 96 सार्वजनिक सभाओं में शामिल हुये और पार्टी उम्मीवारों के पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने तेलंगाना में चुनाव प्रचार के दौरान क्रमश: 23 और 26 सभाओं को सम्बोधित किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने
10 चुनावी सभाओं में शिरकत की। तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी 55 चुनावी सभाओं को सम्बोधित किया और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारामैया ने तीन बैठकों में भाग लिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा, केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत कई अन्य नेताओं ने चुनावी प्रचार में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। श्री मोदी ने आठ बैठकें की और एक रोड शो भी किया। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य विधानसभा चुनाव प्रचार की 17 बैठकों में भाग लिया। पार्टी अध्यक्ष श्री नड्डा ने आठ बैठकों और इतने ही रोड शो में भाग लिया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी विकास राज ने 30 नवंबर को तेलंगाना विधानसभा के होने वाले चुनाव के लिये सभी व्यवस्थायें पूरी होने की पुष्टि की है। राज्य में मतदान से 48 घंटे पहले ही निषेधाज्ञा लागू कर दी जायेगी, जिससे राज्य में चार या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। बीआरएस सुप्रीमो एवं मुख्यमंत्री केसीआर, उनके मंत्री-पुत्र केटी रामाराव और तीन भाजपा लोकसभा सदस्यों सहित कुल 2,290 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। मुख्यमंत्री दो निर्वाचन क्षेत्रों- गजवेल और कामारेड्डी से चुनाव लड़ रहे हैं।
चुनाव अधिकारियों ने आज शाम पांच बजे से 30 नवंबर शाम पांच बजे तक विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। माओवाद से प्रभावित क्षेत्रों, अति संवेदनशील और संवेदनशील क्षेत्रों के मतदान केंद्रों की पहचान की गयी है और सुरक्षा के लिये अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है। राज्य के सिरपुर, चेन्नूर, बेल्लमपल्ली, मंचिरयाला, आसिफाबाद, मंथनी, भूपालपल्ली, मुलुगु, पिनापाका, इलांडु, कोठागुडेम, असवाराओपेटा और भद्राचलम सहित 13 निर्वाचन क्षेत्रों में आज चुनावी अभियान शाम चार बजे समाप्त हो गया था। गौरतलब है कि राज्य विधानसभा के लिये 30 नवंबर को मतदान होगा और तीन दिसंबर को नतीजे आयेंगे।
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