महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश: निशिकांत दुबे | #NayaSaveraNetwork
नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सदस्य डॉ निशिकांत दुबे ने बुधवार को कहा कि उनकी शिकायत पर लोकपाल ने तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा के खिलाफ केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के आदेश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि तृणमूल सांसद महुआ के खिलाफ कैश फॉर क्वैश्चन (पैसा लेकर संसद में लिखित सवाल पूछने) के कथित मामले में डॉ दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से पहले शिकायत की थी, उसकी जांच आचार समिति कर रही है। इस बीच ,सुश्री मोइत्रा ने एक्स पर ही एक पोस्ट में कहा, “ सीबीआई को सबसे पहले अडानी, कोयला घोटाले में प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए, जो 13 हजार करोड़ रुपये का है।”
उन्होंने यह भी लिखा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला यह है कि चीन और संयुक्त अरब अमीरात के गड़बड़ करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) के स्वामित्व वाली अडानी की फर्मों ने कैसे भारत के बंदरगाहों और हवाईअड्डों को खरीदा है। सुश्री मोइत्रा ने लिखा है कि इन मामलों पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद “सीबीआई मेरे जूतों की जोड़ी गिनने के लिये आये, उसका स्वागत है। ” सुश्री मोइत्रा ने एक और एक्स पोस्ट में कहा, “ यह जानकर बड़ी खुशी हुई कि मोदी जी का लोकपाल का कोई अस्तित्व है और उसे विशेष रूप से पाले गये तत्वों ने काम लगा दिया गया है। गोदी मीडिया आप लोकपाल के कार्यालय से क्यों नहीं पूछते कि वह इस पर बयान जारी क्यों नहीं करता। ”
डॉ दुबे ने इससे पहले श्री बिरला से शिकायत की थी कि सुश्री मोइत्रा ने लोकसभा का अपना मेल का अपना लॉगिन आईडी और पासवर्ड दुबई में रहने वाले भारतीय कारोबारी दर्शन हीरानंदानी को दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सुश्री मोइत्रा ने इसके लिये कारोबारी से पैसे और अन्य प्रकार का लाभ लिया था।
हीरानंदानी ने भी आचार समिति के सामने हलफनामे में स्वीकार किया है कि उन्होंने देश के बाहर रहकर महिला सांसद के लोकसभा मेल आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल किया था। सुश्री मोइत्रा ने लोकसभा में अपने इस कार्यकाल में करीब 61 लिखित सवाल किये थे जिसमें करीब 50 सवाल अडानी समूह से संबंधित हैं।
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