वाराणसी: अर्थशास्त्र के नोबेल विजेता के कार्यों पर परिचर्चा | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
वाराणसी। डीएवी पीजी कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के ‘नोबेल लॉरिएट्स कॉर्नर पर 2023 की नोबेल विजेता अर्थशास्त्री क्लाउडिया गोल्डिन के कार्यों पर चर्चा की गई। विभागाध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार मिश्र ने बताया कि 2009 के बाद नोबल पुरस्कार जीतने वाली वह अकेली महिला हैं।
उन्होंने बताया कि क्लॉडिया गोल्डिन हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर हैं। महिलाओं के श्रम बाजार परिणामों पर उनके काम के लिए उन्हें अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। गोल्डिन के शोध ने उन कारकों पर प्रकाश डाला है, जो समय के साथ महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी को प्रेरित करते हैं। साथ ही लिंग वेतन अंतर भी बताया। उन्होंने दिखाया कि औद्योगिकीकरण के उदय से महिलाओं की श्रम बल भागीदारी में गिरावट आई क्योंकि महिलाओं को तेजी से अवैतनिक घरेलू काम के लिए निर्वासित कर दिया गया था।
परिचर्चा में डॉ. मयंक कुमार सिंह ने कहा कि सदियों से महिलाओं की कार्यबल में हिस्सेदारी की चर्चा चल रही है, जिसे कार्ल मार्क्स ने भी अतिरेक मूल्य के लिए इस्तेमाल किया। डॉ. पारुल जैन ने कहा कि गोल्डिन के काम के भारत के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ हैं, जहां महिलाओं की श्रम बल भागीदारी अपेक्षाकृत कम है। कार्यक्रम में डॉ. आहूति सिंह और डॉ. शालिनी सिंह ने भी विचार रखे।
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