दर्शन कर वापस आए बरेली के मीडिया कर्मियों का संस्थाओं ने किया स्वागत | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
- जम्मू में बाबा बर्फानी के दर्शन होते हैं सौभाग्य शालियों को!
- 4.40 लाख भोले भक्तो ने इस बार दर्शन कर तोड़ दिया पिछला 3.60 लाख दर्शन वाला रिकॉर्ड
- वर्षा के कारण सड़क बहने से रुक रुक कर चलती रही यात्रा
निर्भय सक्सेना
बरेली। जम्मू में बालटाल स्थित पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन लाभ की भक्तों में ऐसी होड़ है कि सावन माह में हर कोई बाबा बर्फानी के दर्शन करना चाहता है। मेरा भी सौभाग्य रहा की मुझे इस बार भी 2 जुलाई 2023 को दूसरे जत्थे में बाबा बर्फानी के दर्शन मिले। सावन माह में 1 जुलाई 2023 से 31 अगस्त तक चलने वाली 62 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा को 23 अगस्त को ही बीच में रोक दिया गया था। सावन माह में गुरुवार 23 अगस्त तक लगभग 4 लाख 40 हजार से अधिक भोले भक्त पवित्र गुफा में दर्शन लाभ कर चुके थे और यात्रा स्थगित हो गई। भक्तों के इस बार के 4.40 लाख दर्शन होने से पहले 3.60 का दर्शन रिकार्ड भी इस बार टूट गया।
1 जुलाई 2023 से यात्रा प्रारंभ होने के बाद सावन के सोमवार पर भी भक्त बम नाम कर जोश भरते रहे थे। भारी वर्षा भूस्खलन के चलते यात्रा में जगह जगह रुके भोले भक्त आगे बढ़े और अपने बर्फानी बाबा के दर्शन पाकर अपने को भाग्यशाली माना। वर्षा एवं बर्फबारी के चलते यात्रा में कुछ समय विघ्न भी रहा। यह मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे भी बरेली के कुछ पत्रकार/ फोटो जर्नलिस्ट साथियों के साथ 2 जुलाई 2023 रविवार को 3880 मीटर की ऊंचाई पर बनी गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन लाभ मिल सके। यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन (उपजा) बरेली के उपजा प्रेस क्लब, बरेली से जुड़े कुछ पत्रकारों एवम फोटो जर्नलिस्ट ने इस बार भी अमरनाथ में 2 जुलाई 2023 को बाबा बर्फानी के दर्शन किए। जिसमे निर्भय सक्सेना, अशोक शर्मा, शुभम ठाकुर, अशोक शर्मा लोटा, उमेश शर्मा, पुत्तन सक्सेना, विवेक मिश्रा थे। इसके अलावा सक्षम शर्मा, सुरेंद्र मिश्रा रामू भी साथ गए थे। बरेली से जाने वाले दल ने पूर्व में ही अपना जिला हॉस्पिटल में मेडिकल करवाने के बाद पंजाब नेशनल बैंक में अपना शुल्क जमा करवाकर रजिस्ट्रेशन भी अप्रैल माह में करवा लिया था। जिसमे 2 जुलाई की दर्शन की डेट आवंटित हुई थी। इसके बाद उसी अनुसार रेल टिकट समय को ध्यान में रख कर करवा लिया थे।
बरेली से 27 जून को ट्रेन से 28 जून 2023 को जम्मू रेल स्टेशन पर 12 बजे के आस पास पहुंच गए । जम्मू रेलवे स्टेशन के बाहर बने शिविर में अमरनाथ यात्रा के लिए कागजी खानापूर्ति कर सभी ने अपने टोकन कार्ड बनवाए। रात्रि में जम्मू के एक होटल में विश्राम किया। 29 जून 2023 की सुबह शिव खोड़ी जाकर भोले के दर्शन लाभ पाए। वहां से माता वैष्णो के मंदिर में मत्था टेका।इसके बाद भगवती नगर आधार शिविर में चेकिंग के बाद आ गए। हम लोगो ने एक मिनी बस पूर्व में ही कर ली थी जिसने अपने कागज चेक कराकर भगवती निवास पार्किंग की कोनवाय में अपनी जगह पास लेकर प्राप्त की। जिन पर व्यवस्था नहीं होती वह शिविर में खड़ी रोडवेज बस में अपने पास के दिन के अनुसार टिकट बुक करा सकते हैं।
जम्मू के भगवती नगर में यात्रियों के खाने रहने की निशुल्क व्यवस्था सरकार की और से आर्मी की कड़ी देख में रहती है। रात में ही हम सभी अपनी मिनी बस में सो गए। अगले दिन 1 जुलाई 2023 को भोर में 4 बजे जम्मू में बने आधार शिविर भगवती यात्री निवास से आर्मी के दल वाली सरकारी कॉनवॉय में बालटाल की मिनी बस से यात्रा शुरू की। रास्ते में आर्मी की उपस्थिति में बने लंगर पर सुबह 9 बजे बस रुकी। वहां प्रसाधन साहिर सभी सुविधाएं बेहतर एवम निशुल्क थी। सभी ने मिले आधे घंटे में फ्रेश होकर वहां बन लंगर में चाय नाश्ता किया। आर्मी जवान माइक से हिदायत कर रहे थे की आप सभी फ्रेश होकर अपनी बस में में तुरंत बैठे। 10 मिनट बाद काफिला रवाना हो जायेगा। इसके बाद रामबन पर काफिला फिर आधा घंटे को रोका गया। सभी ने अपने अनुसार चाय नाश्ता भोजन लिया। सभी को हिदायत दी गई उतना ही थाली में लें जितना खा सके। डस्ट विन के पास लंगर वालों के स्वयंसेवक खड़े थे। अगर कोई थाली में भोजन छोड़ रहा था।
उससे आग्रह कर बचा भोजन समाप्त कर ही खाली थाली डस्टबिन में रख रहे थे। भक्त लोग लंगर में रखे दानपात्र में अपनी श्रद्धा के अनुसार धनराशि डाल या पेटिएम भी कर रहे थे। वहां से काफिला वाल्टाल को आगे बढ़ा। शाम लगभग 4 बजे वाल्टॉल आ गए। वहां लगे स्कैनर में सामान चेकिंग के बाद हम सभी साथी दोगाम में बदायूं के कैंप में पहुंच गए। जिनकी व्यवस्था नहीं थी वह लोग वहां बने शिविर में कुछ अंशदान कर भी रह सकते हैं । हम सभी दोगाम शिविर में रुके। 2 जुलाई 2023 को सुबह 4 बजे लाइन में लग कर पत्रक चेक कराए। लगभग 5 बजे बालटाल के बेस कैंप में चेकिंग के बाद से अमरनाथ से 16.5 किलोमीटर की जटिल यात्रा साथियों ने शुरू की। पर मेने घोड़े से ही लोटा फेरिवाली यात्रा बुक की थी।
घोड़े से सुबह लगभग 5 बजे यात्रा शुरू कर बीच ने रुक रुक कर हम हम 10 बजे पंचतरणी आ गए। वह घोड़ा छोड़ दिया। वहां से लगभग 2 किलोमीटर गुफा तक पैदल यात्रा की। वहां खड़े पालकी वाले मनमर्जी के रेट मांग रहे थे। आयु 67 वर्ष होने पर मेरी सांस फूलने लगी। पवित्र गुफा के पास लगे मेडिकल कैंप में ऑक्सीजन चेक कराई। ग्लूकोज का पानी पिया। 2 जुलाई 2023 को पवित्र गुफा में 11 बजे बाबा बर्फानी दर्शन कर लिए। और लोट कर फिर पैदल 12 पंचतरणी आ गए।
वहां से अपना वापसी वाला घोड़ा वाले को फोन कर बुलाया और लोट कर लगभग सायं 6 बजे दोमेल में बदायूं के संजय पाराशरी के भंडारे वाले टेंट में आ गए। पूरे रास्ते में भोले के भक्तों के लिए लंगर की व्यवस्था रही। अगले दिन 3 जुलाई 2023 को हम सभी बालटाल कैंप से आर्मी के काफिले के साथ 5 बजे चलकर जम्मू शाम 6 बजे के आसपास पहुंच गए। और पूर्व बुक किए मोटल में रात्रि विश्राम किया। अगली सुबह 4 जुलाई को जम्मू के प्रमुख रघुनाथ मंदिर, काली माता मंदिर, जामवंत गुफा के दर्शन किए। फिर अगले दिन जम्मू रेलवे स्टेशन से 5 जुलाई 2023 को सुबह 7 बजे ट्रेन में बैठकर देर रात्रि बरेली आ गए ।
बरेली में बर्फानी यात्रा से वापस आए भोले भक्तो का मानव सेवा क्लब, कायस्थ चेतना मंच, उपजा एवम फोटो जर्नलिस्ट सोसाइटी ने उपजा प्रेस क्लब में स्वागत किया गया। सावन माह में 1 जुलाई 2023 से 31 अगस्त 2023 तक चलने वाली 62 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा चलनी थी जिसको 23 अगस्त को ही रोक दिया गया। इस बार भारी वर्षा से रामबन में सड़क बहने से यात्रा रुक रुक कर चलती भी रही थी। वर्षा के कारण मार्ग में रेल पथरी पर भूस्खलन भी हुआ था। तीर्थ यात्रा के दौरान जम्मू से आतंकी हमलों से बचाव को 70 हजार से अधिक सेना एवम अर्धसैनिक इस बार तैनात किए गए हैं। ताकि परिंदा भी पर नही मार सके। जम्मू कश्मीर पुलिस भी व्यवस्था को लगाई है। यात्रा के लिए पहलगाम से सुबह 10 बजे तक चलकर घाटी की ओर नवयुग सुरंग को पार करने के लिए अंतिम वाहन का समय शाम 4 बजे, जबकि अनंतनाग की ओर से आने वाले 400 किलोमीटर के सफर को भोर में 4 बजे चलकर मीर बाजार को पार करने के लिए अंतिम वाहन का समय शाम चार बजे तय किया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों से श्री अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए तीर्थयात्रियों को जम्मू पहुंचने का सिलसिला सावन में भी जारी है। जम्मू के भगवती नगर एवम रेलवे स्टेशन के बाहर बने कैंप में भोले भक्तों को पत्रक की जांच के बाद उन्हें आगे की यात्रा औपचारिकताएं पूरी करने को अमरनाथ श्राइन बोर्ड के कर्मी उन्हें टोकन दे रहे थे।
यही कारण है की केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार एवम जम्मू के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा का जमीन से आसमान तक का फूल प्रूफ घेरा तैयार करवा दिया है। अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा की देखरेख में जम्मू में बना कंट्रोल कमांड सेंटर भी अमरनाथ तीर्थ यात्रा पर कैमरे से नजर रख रहा है। जारी टोकन से हर भक्त की ट्रैकिंग अब आसान है। जगह जगह लगे होर्डिंग बैनर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवम राज्यपाल मनोज सिन्हा के फोटो के साथ ही "सनातन के साथ ही पुरातन भी" का वाक्य का उल्लेख किया गया है। इस बार 1 जुलाई से शुरू हुई 62 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा में इस प्रथम पखवाड़े के बताया गया कि लगभग 14 हजार यात्री प्रतिदिन श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन लाभ पा रहे हैं।
श्राइन बोर्ड के अनुसार इस बार बालटाल से दोमेल तक बैटरी चालित रिक्शा भी चलाए गए हैं। यही नहीं वर्ग विशेष के घोड़े वाले, पालकी वाले और पिट्ठू अमरनाथ यात्रियों को मनमाने रेट मांग कर परेशान नहीं करें। इसके लिए घोड़े वालों, पालकी वालों के लिए उनके बने कार्ड पर पूर्व बुकिंग अनिवार्य की गई है। बालटाल से गुफा के पास तक एवम उसी मार्ग से वापसी 4450 रुपए में आप घोड़े से कर सकते हैं। इसी तरह पालकी के रेट भी तय हैं। पर अभी भी घोड़े वालो का चक्रव्यूह भेदना आसान नहीं हो पा रहा है क्योंकि उन्हें स्थानीय पुलिस का भी पूरा संरक्षण मिलने से पर्ची कटने के बाद भी वह यात्रियों को पवित्र गुफा से दूर ही छोड़ रहे हैं।
और वहां पूर्व से खड़े पालकी = घोड़े वाले और अधिक पैसे की मांग करते हैं। बालटाल में स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ की इस वर्ष की 62 दिवसीय यात्रा 1 जुलाई 2023 को अपने दोनों आधार शिविरों मध्य कश्मीर के गांदरबल में बालटाल मार्ग एवम दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में नुनवान-पहलगाम मार्ग से शुरू हुई है। यह पवित्र अमरनाथ यात्रा 23 अगस्त 2023 को रोक दी गई थी। वैसे उसे रक्षा बंधन पर समाप्त होना था। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ की बाबा बर्फानी दर्शन यात्रा को लेकर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, इंडो तिब्बत बॉर्डर फोर्स, आदि अर्द्धसैनिक बलों की कंपनियों में शामिल लगभग 70 हजार जवान अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात हैं। सभी अर्धसैनिक कंपनियां भोले के भक्तों की सुरक्षित यात्रा के लिए जम्मू कश्मीर प्रदेश में पहुंची थी, जिनको यात्रा से पूर्व ही तैनात भी कर दिया गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर अर्धसैनिक जवान यात्रियों की सुरक्षा में रहेंगे।
वर्तमान में भारत में नरेंद्र मोदी सरकार एवम जम्मू के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सैनिक अधिकारियों के साथ पूर्व में ही बैठक कर ऐसा सुरक्षा तंत्र विकसित किया है। कि जगह जगह पर अब सैनिकों की तैनाती से सीमा पर की आतंकी साजिश सिर उठाने की हिम्मत भी नहीं कर पाएंगी। अमरनाथ की पवित्र गुफा, जो 3880 मीटर की ऊंचाई पर है, में प्रकट होते हैं। लाखों भक्त हर साल जून जुलाई के सावन माह में दक्षिण कश्मीर में स्थित श्री अमरनाथ तीर्थ के लिए जटिल पहाड़ों के माध्यम से भोलेनाथ के दर्शन करने इस पवित्र गुफा तक आते हैं। यहां भक्तों की देखभाल का प्रबंधन श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एसएसबी) द्वारा किया जाता है।
यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन (उपजा) बरेली के उपजा प्रेस क्लब, बरेली से जुड़े कुछ पत्रकारों एवम फोटो जर्नलिस्ट ने इस बार भी अमरनाथ में 2 जुलाई 2023 को बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। 27 जून 2023 को बरेली रोडवेज पर उपजा प्रेस क्लब, बरेली अध्यक्ष डॉ पवन सक्सेना, महामंत्री, धर्मेंद्र सिंह बंटी, वीरेंद्र अटल, शमी खान, विजय सिंह, राजेश सक्सेना, सुरेश रोचानी, ललित कुमार, गुरुबचन, महेश पटेल, शंकर लाल, के अलावा मानव सेवा क्लब के अध्यक्ष सुरेंद्र बीनू सिन्हा, त हिंदू संगठन के राज शर्मा आदि ने सभी को पटका आदि देकर सम्मानित किया। सावन माह में गुरुवार 23 अगस्त 2023 तक लगभग 4 लाख 40 हजार से अधिक भोले भक्त पवित्र गुफा में दर्शन लाभ कर चुके हैं। और यात्रा स्थगित हो गई। भक्तो के दर्शन वाला पिछला रिकॉर्ड भी इस बार टूट गया।
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