जौनपुर: बदलती दिनचर्या के कारण बढ़ रहे हैं मानसिक रोगी:डॉ.हरिनाथ | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर गोष्ठी का हुआ आयोजन
जौनपुर। विश्व मानिसक स्वास्थ दिवस के अवसर पर श्री कृष्णा न्यूरो एवं मानसिक रोग चिकित्सालय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमे डॉक्टर हरिनाथ यादव ने मरीजों और उनके साथ उपस्थित गार्जियन को मानिसक रूप से कैसे स्वस्थ रहे उसके बारे में जानकारी दी। बदलती लाइफस्टाइल के बीच मेंटल हेल्थ एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इससे जुड़ी समस्याएं जैसे स्ट्रेस, एंग्जायटी और डिप्रेशन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह ये भी है कि लोग अब भी मेंटल हेल्थ को गंभीरता से नहीं लेते और इस बारे में बात करने में भी हिचकिचाते हैं। इस ओर जागरूकता बढ़ाने और मेंटल हेल्थ की अहमियत को समझाने के लिए हर साल 10 अक्टूबर को वि·ा मानसिक स्वास्थ्य दिवस यानी वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे मनाया जाता है। वि·ा मानिसक स्वास्थ्य दिवस 2023 की थीम है, 'मेंटल हेल्थ इज ए यूनिवर्सल ह्यूमन राइट' यानी 'मानिसक स्वास्थ्य एक सार्वभौमिक मानव अधिकार है' इस थीम के साथ जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाए, साथ ही सार्वभौमिक मानवाधिकार के रूप में सभी के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और उसकी रक्षा करने वाले अभियान चलाया जाए। श्री यादव ने बताया कि वि·ा मानिसक स्वास्थ दिवस एक महत्व पूर्ण स्वास्थ जागरूकता कार्यक्रम है जो हर साल 10 अक्टूबर को जागरूकता पैदा करने और किसी के जीवन और समाज में मानसिक स्वास्थ के महत्व को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को मानिसक बिमारी के बारे में शिक्षित करना और दुनिया भर के लोगो को इसका समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित करना और मानिसक स्वास्थ का समर्थन करने के लिए जीवन के सभी पहलुओं में एक स्वस्थ वातावरण स्थापित करना है। डॉक्टर हरिनाथ यादव ने कहा कि इस बिमारी को ज्यादातर लोग ध्यान नहीं देता जिसके फलस्वरूप प्रत्येक 40 सेकेंड में एक व्यक्ति आत्महत्या कर रहा है। ज्यादातर मानसिक रोगों में से लगभग 50 फीसदी मामले 14 वर्ष की आयु तक शुरू होते है। डॉक्टर यादव ने कहा कि हमे इस विषय पर खास ध्यान देने की आवश्यकता है और जल्द ही जल्द इस पर ठीक प्रकार से काम नही किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और खराब हो सकती है। संगोष्ठी में डॉ. सुशील यादव, उमानाथ यादव अध्यापक, जंग बहादुर यादव अध्यापक, लालजी यादव, शिवबहादुर यादव, सूरज, रागिनी, अवनीश,मरीज एवं उनके अभिभावक और हॉस्पिटल के सभी स्टाफ उपस्थित रहे।


