जौनपुर: जीवन का लक्ष्य बोध कराना विद्या का उद्देश्य: प्रो. सुधाकर | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
- संस्कृत सप्ताह के अवसर पर आयोजित की गई व्याख्यान माला
जयप्रकाश तिवारी
सुजानगंज। संस्कृत भाषा के द्वारा चारों पुरुषार्थों का ज्ञान होता है। संस्कार की भाषा संस्कृत है। संस्कृत भाषा के ज्ञान से मानव संस्कारवान होता है। संस्कृत भाषा बड़ी वैज्ञानिक भाषा है इसके माध्यम से जीवन के उद्देश्य का बोध होता है और व्यवहार भी सहज और सरल हो जाता है उक्त बातें श्री गौरीशंकर संस्कृत महाविद्यालय सुजानगंज द्वारा आयोजित व्याख्यान माला के तीसरे दिन सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के प्रो. सुधाकर मिश्र ने कहीं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संयोजक डॉ. विनय त्रिपाठी ने कहा की जाति, धर्म, समुदाय के बंधनों से परे संस्कृत आज फिर अपनी चमक को पाने लगी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश तिवारी ने की। अतिथियों का आभार विद्यालय के प्राध्यापक उमेश तिवारी ने किया। इस अवसर पर विनोद तिवारी, जितेंद्र सिंह, इंद्रदेव द्विवेदी, गिरीश प्रकाश सिंह आदि प्राध्यापकों के साथ छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।


