चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर ने ली चांद के सुदूर हिस्सों की तस्वीरें, ISRO ने किया साझा | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
नई दिल्ली। चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर हैज़र्ड डिटेक्शन एंड अवॉइडेंस कैमरे द्वारा चंद्र दूर के क्षेत्र की तस्वीरें हैं ली गई हैं, जिसे इसरो ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर शेयर किया है। चंद्रयान-3 का दूसरा और अंतिम डीबूस्टिंग मनूवर सफलतापूर्वक हो चुका है और अब 23 अगस्त का इंतजार है।
इसरो ने अपने अधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि यहाँ (यानी चंद्रमा की) की छवियाँ हैं । चंद्र सुदूर पार्श्व क्षेत्र द्वारा कब्जा कर लिया गया। एलएचडीएसी यानी लैंडर खतरा जांच और बचाव कैमरा (LHDAC) यह कैमरा जो नीचे उतरने के दौरान सुरक्षित लैंडिंग क्षेत्र – बिना बोल्डर या गहरी खाइयों के – का पता लगाने में सहायता करता है, इसरो द्वारा एसएसी में विकसित किया गया है।
बता दें, चंद्रयान 3 मिशन का लैंडर मॉड्यूल चांद की सतह से महज 25 से 150 किलोमीटर की दूरी पर चक्कर लगा रहा है। इसरो के मुताबिक, चंद्रयान-3 का दूसरा और अंतिम डीबूस्टिंग मनूवर सफलतापूर्वक हो चुका है और अब 23 अगस्त का इंतजार है। अभी तक अमेरिका, रूस और चीन ने ही चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफलता हासिल की है। इतना ही नहीं चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कराने वाला भारत पहला देश हो सकता है। चंद्रयान 3 जब चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के साथ ही भारत इतिहास रच देगा और ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।


