Jaunpur News: संसार रूपी सागर में शरीर लंका है: कनक जी महराज
नया सवेरा नेटवर्क
सुजानगंज, जौनपुर। संसार रूपी सागर में यह शरीर लंका है जहां सुमति और कुमति दोनों वास करती है। सुमति आते समय अच्छी लगती है और कुमति जाते समय अच्छी लगती है। तुलसीदास जी ने कहा जहां सुमति तह संपति नाना उक्त उद्गार करौरा ग्राम सभा में योगेश कुमार सिंह राजेश कुमार सिंह के संयोजकत्व में चल रही मानस कथा में नैमिषारण्य से पधारे कनक जी महाराज ने व्यक्त किया। लंका कांड के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने रावण कुंभकरण संवाद पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कुंभकरण ने रावण को जानकी जी को ससम्मान वापस करने की बात कही लेकिन रावण नहीं माना जो विनाश का कारण बना।
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प्रसंग को आगे बढ़ते हुए उन्होंने लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध की सारगर्भित विवेचना करते हुए कहा कि यह युद्ध लक्ष्मण मेघनाथ के बीच नहीं बल्कि उर्मिला और सुलोचना के मध्य था।उपस्थित मात्रृ शक्ति को सीख देते हुए उन्होंने कहा कि आप सबको सावित्री और सत्यवान के जीवन आदर्शो से प्रेरणा लेनी चाहिए। अगर आपने अपने सास ससुर की निष्ठा के साथ सेवा करती हैं और पतिव्रत धर्म का निर्वहन करती हैं तो एक बार यमराज को भी आपके सामने नतमस्तक होना पड़ेगा। कथा के पूर्व मुख्य यजमान योगेश कुमार सिंह एवं क्षेत्र के तमाम लोगों ने माल्यार्पण कर व्यास जी का स्वागत किया। कथा के विश्राम पर आरती हुई और प्रसाद का वितरण किया गया।
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