#MumbaiNews: छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने पर एक्शन, ठेकेदार पर FIR, कंसल्टेंट पर भी केस दर्ज | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के एक किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने को लेकर राज्य में सियासी पारा हाई हो गया है। विपक्ष समेत लोगों में इसे लेकर आक्रोश देखने को मिल रहा है। छत्रपति शिवाजी को लेकर सरकार के कामकाज पर भी सवाल किए जा रहे है। इस बीच, सिंधुदुर्ग पुलिस ने मामले को लेकर दो लोगों को खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने प्रतिमा बनाने वाले ठेकेदार जयदीप आप्टे और स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट चेतन पाटिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। छत्रपति शिवाजी महाराज के मुर्ति गिरने के मामले को लेकर दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109, 110, 125, 318 और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है। सिंधुदुर्ग पुलिस ने जिन लोगों पर केस दर्ज किया है, उनकी ही कंपनियों को शिवाजी महाराज की मुर्ति बनाने का काम दिया गया था। सूबे के सीएम एकनाथ शिंदे मामले के जांच के आदेश दिए है और कहा है कि शिवाजी महाराज की मुर्ति फिर से स्थापित की जाएगी।
- घटना की जांच के आदेश
भारतीय नौसेना ने छत्रपति शिवाजी महाराज की एक प्रतिमा ढहने की घटना की जांच के आदेश दिए हैं, जिसका अनावरण पिछले साल नौसेना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। नौसेना ने देर रात जारी एक बयान में कहा कि उसने “दुर्भाग्यपूर्ण घटना” के कारणों की तुरंत जांच और जल्द से जल्द प्रतिमा की मरम्मत व पुनर्स्थापना के लिए कदम उठाने की खातिर एक टीम तैनात की है।
- प्रधानमंत्री मोदी ने किया था प्रतिमा का अनावरण
जानकारी के लिए बता दें कि सिंधुदुर्ग जिले के एक किले में मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा सोमवार को ढह गई। इस प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। लेकिन महज 8 महीने पहली प्रतिमा ढहने को लेकर लोगों में आक्रोश नजर आ रहा है। घटना के बाद, विपक्षी दलों ने शिंदे सरकार की कड़ी आलोचना की और काम की गुणवत्ता पर कम ध्यान देने का आरोप लगाया ।


