वाराणसी: वायरल बुखार व डेंगू से बचाव के लिए किया जागरूक | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
वाराणसी। मैदागिन स्थित श्री हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज में गुरुवार को छात्राओं को वायरल बुखार और डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। सामाजिक संस्था सुबह-ए-बनारस क्लब के बैनर तले संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल, प्रिंसिपल डॉ. प्रियंका तिवारी, उपाध्यक्ष अनिल केसरी के नेतृत्व में यह अभियान चला। वक्ताओं ने कहा कि बरसात के मौसम के बाद डेंगू तो अपना कहर बरपा ही रहा है, लेकिन उसके अलावा वायरल बुखार ने लोगों के साथ डॉक्टर लोगों को भी हैरान कर दिया है। जिसने हर घर में किसी न किसी सदस्य को अपना शिकार बनाया है, इसका प्रकोप इतना भयानक है कि इसके चपेट में आने के बाद मरीज का सारा शरीर असहनीय पीड़ा और बुखार के तपन से तड़प जाता है,जो की निरंतर कई दिनों तक रहता है। डॉक्टर भी हैरान और परेशान है,कि आखिर इसका किस तरह से इलाज किया जाए। शरीर के सारे हड्डी और जोड़ में असहनीय पीड़ा इसका प्रमुख लक्षण है।
साथ ही बुखार के तपन,पूरे शरीर में सूजन एवं एलर्जी से मरीज परेशान रहता है, लैब के पकड़ से बाहर इस रोग का इलाज डॉक्टर कभी चिकनगुनिया कभी डेंगू कभी मलेरिया के रूप में कर रहे हैं। जांच के नाम पर लोग पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं,गौरतलब है कि इस बुखार का लक्षण डेंगू, चिकनगुनिया,मलेरिया से मिले झूले लक्षण हैं। ठंड देकर तेज बुखार आना बुखार का फिक्स हो जाना,सामान्य पेरासिटामोल से भी उसका ना उतरना, शरीर के सभी जोड़ों में असहनीय दर्द व अकरण होना, मांसपेशियों में असहनीय पीड़ा व अकड़न तेज सिर दर्द होना, शरीर पर लाल रैशेज होना रक्त में तेजी से प्लेटलेट्स का गिरना।
इस रोग के से बचाव के लिए कोई भी वैक्सीन अभी उपलब्ध नहीं है। संस्था के पदाधिकारियों ने अपील की कि वह संक्रमित कीड़ों से बचने के लिए फूल ट्राउजर शर्ट मोजे व जूते पहनकर ही बाहर निकलें। शरीर के खुले अंगों पर ओडोमॉस का प्रयोग करें, घर के आस-पास नाली कूड़े के ढेर, झाड़ियां घास-फूस आदि की भली प्रकार सफाई करवाए, कीटनाशक का छिड़काव करवाएं। यह रोग एक रोगी से दूसरे रोगी में नहीं फैलता। सिर्फ और सिर्फ संक्रमित कीड़े के काटने पर ही व्यक्ति इससे संक्रमित हो सकता है। कार्यक्रम में नीचीबाग बुलानाला व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रदीप गुप्त, श्याम दास गुजराती, ललित गुजराती, बीडी गुजराती सहित सैकड़ो छात्राएं शामिल रहीं।


