जौनपुर: समाज सेविका धनदेवी देवी को दी गयी श्रद्धांजलि | #NayaSaveraNetwork
नया सवेरा नेटवर्क
केराकत जौनपुर। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा इकाई के तत्वाधान में धर्मापुर ब्लॉक प्रमुख विमलेश यादव की सासू मां व पूर्व ब्लाक प्रमुख ओम प्रकाश यादव उर्फ मुन्ना राजेश यादव पप्पू यादव निवासी कमरु द्दीनपुर किरतापुर की माता व समाज सेविका स्व. धनदेई देवी को भाव भीनी श्रद्धांजलि दी गयी। श्रद्धांजलि समारोह में पूर्व सपा जिला अध्यक्ष लालबहादुर यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव, यादव महासभा के जिला अध्यक्ष लालजी यादव, महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राजपति यादव, जिला कोषाध्यक्ष शिव सहाय यादव, जिला ऑडिटर जनार्दन यादव, जिला सचिव माया शंकर यादव, जिला सचिव द्वय महेंद्र प्रताप यादव, विजय यादव केराकत तहसील अध्यक्ष राजेंद्र यादव उर्फ प्रकाश, मुफ्तीगंज ब्लॉक अध्यक्ष जेपी यादव, सुदशर््ान यादव दरोगा , डॉक्टर अवधेश यादव, कविराज यादव प्रधान, डॉ. अशोक यादव, मायाराम यादव प्रधान, चुन्नीलाल, कोमल यादव, कमलेश यादव, तेज बहादुर, जिला प्रभारी पतंजलि योगपीठ से शशिभूषण यादव, रामकुमार यादव आर्य समाज से आए हुए लोगों ने हवन के माध्यम से स्व. धनदेई देवी की आत्मा को शांति के लिए ई·ार से प्रार्थना किया। इस अवसर पर जौनपुर सांसद श्याम सिंह यादव व जफराबाद विधायक व पूर्व मंत्री जगदीश नारायण राय ने भी पहुंच कर धनदेवी देवी के चित्र पर पुष्पांजलि कर श्रद्धांजलि दिया। समारोह में आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत पूर्व प्रमुख ओमप्रकाश मुन्ना, राजेश यादव, पप्पू यादव, प्रमुख विमलेश यादव व शर्मिला यादव ने किया। यादव महासभा के जिला अध्यक्ष लालजी यादव ने कहा की प्रमुख द्वारा श्रद्धांजलि समारोह के निर्णय से समाज में एक अच्छा संदेश जाएगा। अंधवि·ाास पाखंड से लोगों को मुक्ति मिलेगी। मृत्यु भोज समाज मेंफैली हुई ऐसी कुरीति है जो समाज के लिए एक अभिशाप है। श्री यादव ने कहा कि रु णवादी प्रथा को समूल नष्ट करने के लिए समाज के संगठन को संकल्प लेना जरूरी है। मृत्यु भोज ग्रहण न करने का संकल्प लें। सन् 1960 में ही मृत्यु भोज निवारण अधिनियम बनाया गया। अपने संविधान में अंकित है। पुलिस को इस नियम का पालन करने की हिदायत भी दी गई थी। अधिनियम की धारा 3 में उल्लेख है कि राज्य में कोई भी व्यक्ति मृत्यु भोज नहीं करेगा नहीं उसमें शामिल हो सकता है। इस नियम को राजस्थान गवर्नमेंट ने शक्ति से अपने प्रदेश में लागू किया है। मृत्यु भोज इतना खर्चीला होता जा रहा है कि गरीब तो पहले बीमारी की वजह से ही कमर टूट जाती है, वह कर्ज तले दब जाता है इसके बाद समाज द्वारा सौपा गया मृत्यु भोज कर्ज लेकर करना पड़ता है। मृत्यु भोज खाने से आदमी की ऊर्जा का नाश होता है श्रीकृष्ण भगवान ने कहा की आत्मा अजर अमर है आत्मा का नाश नहीं हो सकता।
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