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    ठंढ में ब्रेन हैमरेज का खतरा होता है अधिक:डॉ.हरिनाथ | #NayaSaberaNetwork

    ठंढ में ब्रेन हैमरेज का खतरा होता है अधिक:डॉ.हरिनाथ   | #NayaSaberaNetwork


    नया सबेरा नेटवर्क
    समय से इलाज होने पर बच सकती है जान
    जौनपुर। श्री कृष्णा न्यूरो एवं मानिसक रोग चिकित्सालय पर आयोजित संगोष्ठी में न्यूरो सायकियाट्रिस्ट डॉ. हरि नाथ यादव ने बताया की इस समय पैरालिसिस लकवा का अटैक ज्यादा हो रहा है। इस विषय पर जानकारी देते हुए  बताया कि लकवा  क्या होता है। कैसे होता है। इसके बचाव क्या है। पैरालिसिस को आमतौर पर लकवा, पक्षाघात, अधरंग, ब्रेन अटैक या ब्रेन स्ट्रोक के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में हर साल  लाखों लोग इसकी चपेट में आते हैं। सही जानकारी न होने या समय पर इलाज न मिलने से इनमें से एक तिहाई लोगों की मौत हो जाती है। जबकि करीब एक तिहाई लोग अपंग हो जाते हैं। करीब एक तिहाई लोग वक्त पर सही इलाज मिलने से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। दिमाग हमारे शरीर का सबसे अहम हिस्सा है और पैरालिसिस का सीधा संबंध दिमाग से है। दरअसल शरीर के सभी अंगों और कामकाज का नियंत्रण दिमाग से होता है। जब दिमाग की खून की नलियों में कोई खराबी आ जाती है तो ब्रोन स्ट्रोक होता है जो पैरालिसिस की वजह बनता है। शरीर के दूसरे हिस्सों की तरह ही दिमाग में भी दो तरह की खून की निलयां होती हैं। एक जो दिल से दिमाग तक खून लाती हैं और दूसरी जो दिमाग से वापस दिल तक खून लौटाती हैं। जो नलियां खून लाती हैं उन्हें धमनी ;आर्टरी कहते हैं और जो दिमाग से वापस खून दिल तक ले जाती हैं उन्हें शिरा;वेन कहते हैं। यों तो पैरालिसिस धमनी या शिरा में से किसी की भी खराबी से हो सकता है। लेकिन ज्यादातर लोगों में यह समस्या आर्टरी में खराबी के कारण होती है। दिल से दिमाग तक चार मुख्य नलियों से खून जाता है। दो गर्दन में आगे से और दो पीछे से। अंदर जाकर ये पतली पतली नलियों में बंट जाती हैं ताकि दिमाग के हर हिस्से में खून पहुंच सके। खून  थक्का हो जाने पर खून की नली के बंद होते ही दिमाग का वह हिस्सा काम करना बंद कर देता है। अगर दिमाग के इस भाग को आसपास से भी खून नहीं मिल पाता या खून की नली का क्लॉट ज्यों का त्यों पड़ा रहता है तो दिमाग के इस भाग को नुकसान पहुंचता है। यह स्ट्रोक का ज्यादा बड़ा और मुख्य कारण है। ब्रोन हेमरेज और स्ट्रोक में यह फर्क होता है कि ब्रोन हेमरेज में खून की नली दिमाग के अंदर या बाहर फट जाती है। अगर अचानक या बहुत तेज सिरदर्द होता है या उलटी आ जाए बेहोशी छाने लगे तो हेमरेज होने की आशंका ज्यादा होती है। ब्रोन हेमरेज से भी पैरालिसिस होता है। इसमें दिमाग से बाहर खून निकल जाता है और इसे हटाने के लिए सर्जरी की जाती है और क्लॉट को हटाया जाता है। अगर किसी भी रु कावट की वजह से दिमाग को खून की सप्लाई में कोई रु कावट आ जाए तो उसे स्ट्रोक कहते हैं। स्ट्रोक और हेमरेज दोनों से पैरालिसिस हो सकता है।

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