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    कोयले की किल्लत - अटकलों का बाजार गर्म - सरकार द्वारा सफाई - बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका निराधार बताई - केंद्र राज्य आमने-सामने | #NayaSaberaNetwork

    कोयले की किल्लत - अटकलों का बाजार गर्म - सरकार द्वारा सफाई - बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका निराधार बताई - केंद्र राज्य आमने-सामने   | #NayaSaberaNetwork


    नया सबेरा नेटवर्क
    मानवीय बुनियादी आवश्यकताओं की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने की संकटमय स्थिति में समाधान के लिए सभका सहयोग ज़रूरी - एड किशन भावनानी
    गोंदिया - समय का चक्र घूमते रहता है। आदि-अनादि काल की गतिविधियां हमनें इतिहास में दर्ज़ किस्सों के माध्यम से पढ़े हैं कि, हर मानवीय जीवन में समय काल से अनेक अनुकूल और प्रतिकूल परिस्थितियां उत्पन्न हुई और समय चक्र उसे परिवर्तित करते गए। ठीक उसी तरह वर्तमान काल में भी प्रकृति, समाज, सरकार, शासन, प्रशासन, मनीषियों के समक्ष भी अनुकूल प्रतिकूल परिस्थितियां समयकाल के चक्र में उत्पन्न हुई और चली भी गई, जिसमें कोरोना महामारी सबसे सटीक उदाहरण है।...साथियों बात अगर हम पिछले दो दिनों से चर्चा में चले रहे विषय कोयले की किल्लत और उनसे उत्पन्न हुई बिजली संकट की करें तो  दिनांक 11 अक्टूबर 2021 शाम को केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा बिजली संकट की चिंताओं में एक घंटा आपात बैठक की जिसमें केंद्रीय बिजली मंत्रीयों सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और एनटीपीसी के अधिकारी भी मौजूद रहे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आई खबरों के अनुसार दिल्ली के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पीएम को बिजली के संकट की आशंका के संबंध में पत्र लिखा और पत्रकारवार्ता में कहा किअनेक राज्यों द्वारा बिजली संकट की बात कही है। दरअसल पंजाब, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा इत्यादि राज्यों ने ब्लैक आउट की आशंका व्यक्त की है। महाराष्ट्र में 13 पावर प्लांट बंद कर दिए गए हैं। देश में कुल 135 कोयला संचालित थर्मलपावर कोयले पर निर्भर संचालित हैं जिसमें से आधे बंद होने के कगार पर हैं। 11 अक्टूबर 2021 को कोयला मंत्रालय ने 11 कोयला खदानों की नीलामी के लिए बोली पूर्व एक कांफ्रेंस आयोजित भी किया गया।मामला राजनीतिक गलियारों में घूमा, पीएम मंत्रालय से लेकर बिजली, कोयला मंत्रालय और एनटीपीसी तक बात उठी जिसे लेकर दिनांक 10 अक्टूबर 2021 को पीआईबी के अनुसार कोयला मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि बिजली संयंत्रों की मांग को पूरा करने के लिए कोयले की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है और बिजली आपूर्ति बाधित होने की शंकाएं निराधार हैं। बल्कि इस साल कोयला आधारित बिजली उत्पादन में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारी बारिश के बावजूद कोल इंडिया लिमिटेड ने बिजली क्षेत्र में 225 मेट्रिक टन से अधिक कोयले की आपूर्ति की है। भारी मॉनसून, कम कोयले के आयात और आर्थिक सुधार के कारण बिजली की मांग में भारी वृद्धि के बावजूद घरेलू कोयले की आपूर्ति ने बिजली उत्पादन को बड़े पैमाने पर समर्थन दिया है। चालू वित्त वर्ष में कोयले की आपूर्ति रिकॉर्ड स्तर पर रहने की उम्मीद है। देश में कोयले की आरामदायक स्थिति इस तथ्य से भी साफ होती है कि सीआईएल देश के थर्मल प्लांट को कोयले की आपूर्ति के साथ एल्युमिनियम, सीमेंट, स्टील आदि गैर-विद्युत उद्योगों की मांग को पूरा करने के लिए प्रतिदिन 2.5 लाख टन (लगभग) से अधिक की आपूर्ति कर रहा है। कोयले की उच्च अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के कारण आयात आधारित बिजली संयंत्रों द्वारा पीपीए के तहत भी बिजली की आपूर्ति लगभग 30 प्रतिशत कम हो गई है, जबकि घरेलू आधारित बिजली आपूर्ति इस वर्ष की पहली छमाही में लगभग 24 प्रतिशत बढ़ गई है। आयातित कोयला आधारित बिजली संयंत्रों ने 45.7 बीयू के एक कार्यक्रम के मुकाबले लगभग 25.6 बीयू उत्पन्न किया है। भारत के बिजली उत्पादन में लगभग 70 प्रतिशत कोयले का योगदान है और लगभग तीन - चौथाई जीवाश्म ईंधन का घरेलू स्तर पर खनन किया जाता हैं।...साथियों बात अगर राम कोयले में कमीं की करें तो, कोयले की कमी के कारण दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में बिजली संकट की आशंका जताई जा रही है। इसको लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री ने एक बार फिर से बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि स्थिति गंभीर है और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने यह भी कहा कि हम सब मिलकर स्थिति को सुधारने के लिए काम कर रहे हैं।उधर दिनांक 11 अक्टूबर 2021 को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अनुसार अनेकों बयानों सहित बिहार के सीएम का भी बयान आया, बयानों में, देश में लगातार कोयला आपूर्ति कम होने की वजह से ऊर्जा संकट की आशंका जताई जा रही है। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इस बात को माना है कि वर्तमान में कोयला आपूर्ति बाधित होने की वजह से बिजली संकट पैदा हो सकती है। पटना में भी आज बिहार के मुख्यमंत्री  से इसी बात को लेकर सवाल किया गया सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जितनी आपूर्ति कोयले की होती थी, उतनी नहीं हो पा रही है इसलिए बिजली उत्पादन प्रभावित है। हालांकि, उन्होंने राज्य वासियों को इस बात के लिए आश्वस्त किया कि स्थानीय स्तर पर बिजली संकट नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ऊंची कीमतों पर दूसरे निजी कंपनियों से बिजली खरीद कर लोगों के बीच आपूर्ति कर रही है।...साथियों बात अगर हम पीआईबी के अनुसार कोयला मंत्रालय के बयान की करें तो, उन्होंने ने रविवार को स्पष्ट किया कि बिजली उत्पादक संयंत्रों की जरूरत को पूरा करने के लिए देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है। मंत्रालय ने कोयले की कमी की वजह से बिजली आपूर्ति में बाधा की आशंकाओं को पूरी तरह निराधार बताया। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि कोयले की कमी की वजह से देश में बिजली संकट पैदा हो सकता है। इसके बाद मंत्रालय का यह बयान आया है। बिजली प्लांटों में कोयले के भंडार में कमी होने के पीछे चार कारण बताए जा रहे हैं। बताया यह जा रहा है कि कोरोना संक्रमण में कमी आने के साथ आर्थिक गतिविधियों में सुधार होने की वजह बिजली की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि इस साल के मानसून में भारी बारिश के चलते कोयले के उत्पादन और उसकी ढुलाई करीब-करीब ठप हो गया और थर्मल पावर प्लांटों में स्टॉक जमा नहीं किया जा सका। इसके साथ ही, सरकार की ओर से दलील यह भी दी जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बढ‍़ोतरी होने से कोयले का आयात नहीं किया जा सका।...साथियों बात अगर हम इस मामले में गंभीरता की करें तो, ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि विभागीय मंत्री ने थर्मल प्लांटों में कोयले के भंडार की स्थिति की समीक्षा की। इसमें दिल्ली की डिस्कॉम्स को आपूर्ति करने वाले पावर प्लांट शामिल हैं, मंत्री ने निर्देश दिया कि दिल्ली की डिस्कॉम्स को उनकी मांग के अनुरूप बिजली मुहैया कराई जाए।इस बीच, मंत्रालय ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि कोई बिजली वितरण कंपनी पीपीए के अनुसार बिजली उपलब्ध होने के बावजूद लोड शेडिंग करती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें, तो हम पाएंगे के कोयले की किल्लत की अटकलों का बाजार गर्म है और सरकार द्वारा सफाई दी गई है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका निराधार है इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य आमने -सामने आ गए हैं। परंतु मेरा मानना है कि मानवीय बुनियादी आवश्यकताओं की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने की संकटमय स्थिति में समाधान के लिए सभका सहयोग ज़रूरी है।
    -संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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