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    कोविड-19 इलाज में प्रयुक्त वस्तु, दवाई और चिकित्सीय ऑक्सीजन की कालाबाजारी - केंद्र और राज्य सरकारों की अत्यंत तात्कालिक सख्ती जरूरी | #NayaSaberaNetwork

    कोविड-19 इलाज में प्रयुक्त वस्तु, दवाई और चिकित्सीय ऑक्सीजन की कालाबाजारी - केंद्र और राज्य सरकारों की अत्यंत तात्कालिक सख्ती जरूरी   | #NayaSaberaNetwork


    नया सबेरा नेटवर्क
    आवश्यक खाद्य वस्तुओं, दवाइयों और चिकित्सीय ऑक्सीजन की कालाबाजारी रोकने प्रत्येक जिला प्रशासन स्तर पर टास्क फोर्स बनाना जरूरी - एड किशन भावनानी
    गोंदिया - वर्तमान वैश्विक स्तर पर कोरोना महामारी का तीव्र गति से संक्रमण और कोरोना की दूसरी लहर ने भयानक स्थिति उत्पन्न कर दीहै पिछले साल का अनुभव, संसाधन, इंफ्रास्ट्रक्चर सब कम पढ़ने की स्थिति उत्पन्न होने की राह पर हैं।..बात अगर हम भारत की करें तो, यहां भी स्थिति चिंता प्रकट करने योग्य उत्पन्न होती जा रही है। गुरुवार दिनांक 22 अप्रैल 2021 को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा कई अस्पतालों मेंऑक्सीजन की भारी किल्लत औरचिकित्सीय ऑक्सीजन समाप्त होने की जानकारी दी गई और अफरातफरी के बीच विशाखापट्टनम से ऑक्सीजन एक्सप्रेस से कंटेनर लादने और लाते हुए दिखाया गया और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की गई।.. उधर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए माननीय प्रधानमंत्री महोदय ने 23 अप्रैल 2021 का अपना बंगाल दौरा जहां 4 जनसभाएं होनी थी, वह कैंसिल कर दिया।और कोरोना महामारी पर माननीय प्रधानमंत्री एक्शन मोड में आ गए हैं, शुक्रवार दिनांक 23 अप्रैल 2021 को मैराथन 3 मीटिंग की गई।सबसे पहले बड़े अधिकारियों के साथ मीटिंग कर कोरोना पर समीक्षा की गई ,फ़िर प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग की गई जिसमें अधिक पीड़ित राज्य महाराष्ट्र, दिल्ली, यूपी, एमपी, कर्नाटक, दिल्ली, गुजरात सहित 10 राज्यों ने पीएम के समक्ष अपनी मार्मिक समस्याएं ऑक्सीजन व अन्य समस्याएं रखी। पीएम ने बहुत ध्यान से सुना और फिर देश के वैक्सीन निर्माताओं के साथ ताबड़तोड़ मीटिंग की, सभी मीटिंगो में गृह मंत्री भी मौजूद थे। उधर वायुसेना भी मिशन ऑक्सीजन के तहत सेवा में उतर चुकी है।..दूसरी ओर केंद्रीय गृहमंत्रालय ने आदेश जारी कर ऑक्सीजन कंटेनर किसी भी राज्य में नहीं रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसकी जवाबदारी डीएम और एसपी पर मुकर्रर कर दी गई है। इस तरह के कई सकारात्मक,अनुशासनात्मक कदम उठाए गए हैं।...बात अगर हम कोविडइ-19 इलाज में प्रयुक्त दवाई, वस्तु और चिकित्सीय ऑक्सीजन की करें, तो इन सामानों की चोरी और कालाबाजारी की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हो रही है क्योंकि जनता को अपने परिवार, रिश्तेदारों और अपनों की जान बचाने के लिए और कई लोगों को, आपदा में अवसर, की नीति के चलते इस प्रकार की गैर कानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। जिस पर अब सख्ती करना बहुत जरूरी हो गया है। मेरा एक सुझाव है कि इन गतिविधियों को रोकने के लिए प्रत्येक जिले में जिला प्रशासन लेवल पर एक टास्क फोर्स का गठन किया जाए, जिसमें खाद्य आपूर्ति विभाग, जिला सिविल सर्जन विभाग, पुलिस विभाग इत्यादि विभागों का एक एक अधिकारी मिलाकर यह टास्क फोर्स बनाया जाए जो दवाई, इंजेक्शन, चिकित्सीय ऑक्सीजन और खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी पर पैनी निगरानी रखें और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने की कार्रवाई करें, जो कि निम्नलिखित कानूनों के हस्ते की जा सकती है ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940, जिसमें अन्य धाराओं केअतिरिक्त दिनांक 14 अप्रैल 2020 को माननीय सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसले में मेडिकल ऑक्सीजन आईपी और नाइट्रोजनऑक्साइड आईपी को भी ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 3(बी)(1) के अर्थ में दवा है, यह आदेश दिया है जिसमें अब संबंधित अधिकारी इस एक्ट का सहारा भी मेडिकल ऑक्सीजन के गैरकानूनी गतिविधियों या कालाबाजारी की कार्यवाही में उपयोग में लायी जा सकती है। दूसरा आवश्यक वस्तु अधिनियम (संशोधित) 2020 में मास्क, हैंड सैनिटाइजर, इत्यादि वस्तुओं को इस अधिनियम में शामिल किया गया है। तीसरा औषधि नियंत्रण कीमत आदेश 2013 अतःइन कानूनों का उपयोग मेडिकल और कोविड-19 में संबंधित दवाइयों और सुविधाओं,वस्तुओं की कालाबाजारी को रोकने में किया जा सकता है। इसी क्रम में उधर यूपी में 30 ऑक्सीजन सिलेंडरों की कालाबाजारी में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और यूपी के माननीय मुख्यमंत्री ने अब  इन सामानों की कालाबाजारी करने वालों पर एनएसए कानून याने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने का आदेश दिया है। अनेक राज्यों में रेमडेसिवीर इंजेक्शन की चोरी और कालाबाजारी की जानकारी भी आई है। दिल्ली में तो एक स्ट्रिंग ऑपरेशन के द्वारा दिखाया गया कि किस तरह रेमडेसिवीर इंजेक्शन 18 हज़ार के रेट से मेडिकल दुकान के व्यक्ति द्वारा बेची जा रही है पूरा प्रकरण हिडन कैमरे से दिखाया गया। हमारे गोंदिया जैसी छोटी सिटी में भी 30 हज़ार रुपए में दो रेमडेसिवीर इंजेक्शन को बेचते हुए पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जिसमें एक अस्पताल का कर्मचारी और दो दलाल शामिल थे। पुलिस ने अपराध क्रमांक 241/2021 धारा 420, 188, 34 सहकलम 26 और औषधि नियंत्रण कीमत आदेश 2013 सहकलम 3(क) 7 , जीवन आवश्यक वस्तु अधिनियम सर कलम 18(क) 27 (ख), 2,और औषधि सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के तहत पंजीकृत किया गया है। इस तरह की अनेक घटनाएं हो रही है। अतः जिला प्रशासन ने अस्पताल को आदेश देकर जिला सरकारी अस्पताल के महत्वपूर्ण ठिकानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने को कहा है और 21 अप्रैल 2021 से काम शुरू हो गया है दूसरी ओर कोविड -19 महामारी और शॉर्टेज का फायदा उठाकर कुछ जीवन उपयोगी वस्तुओं पर भी दुकानदार, आपदा में अवसर, की नीति अपनाकर कुछ वस्तुओं का अधिक मूल्य वसूलने की कोशिश कर रहे हैं इन सब गैरकानूनी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखना आज के आपदा समय में अनिवार्य हो गया है।अतः उपरोक्त सुझाए गए आधार पर पूरे देश में हर जिला प्रशासन स्तर पर इस तरह के संबंधित विभागों से एक- एक अधिकारी की नियुक्ति कर आपसी तालमेल से यह टास्क फोर्स बनाया जाना जरूरी हो गया है, ताकि जनता के हितों की रक्षा और कानूनी व्यवस्था बनाए रखने में सफलता प्राप्त हो सके। 
    -संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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