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    शिक्षा को अवसर में बदलने की चुनौती : मैनेजमेंट गुरु अनिल यादव | #NayaSaberaNetwork

    वारिन्द पाण्डेय
    डोभी, जौनपुर। लंबे अरसे के बाद आई नई शिक्षा नीति 2020 शिक्षक दिवस पर विशेष महत्व रखती हैं। इस नीति की विषय वस्तु, शिक्षा को अवसर में बदलने की चुनौती लेकर आया है। इस शिक्षा नीति ने अपने विषय वस्तु और लक्ष्यों को लेकर जो दृष्टि अपनायी हैं वह एकदम नई और समावेशी हैं जो स्थानीय और वैश्विक दोनों तरह के सरोकारों को परिभाषित करती हैं। शिक्षा की अब तक प्रचलित धारा से एकदम उलट इस नीति में छात्रों के समग्र विकास के प्रति एक खुली दृष्टि अपनायी गयी हैं। वहीं यह भी जरूरी हैं कि इस नई शिक्षा नीति को सही ढंग से लागू करने और उसके लक्ष्यों को पाने के लिये अध्यापकों को भी शिक्षा पर पूरी गहनता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना होगा क्योंकि वर्तमान समय में बढ़ती बेरोजगारी को ध्यान में रखते हुये शिक्षा को एक बड़े अवसर के रूप में बदलने की भी चुनौती हैं। यह बातें अनिल यादव (मैनेजमेंट गुरु ) ने शिक्षक दिवस के अवसर डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए कहा। 
    शिक्षा को अवसर में बदलने की चुनौती : मैनेजमेंट गुरु अनिल यादव | #NayaSaberaNetwork


    उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर हम बात जरा अलग ढंग की करना चाहते हैं। गुरु शिष्य परम्परा तथा गुरु  की महत्ता, को जानना जितना जरूरी हैं उतना ही जरूरी गुरु  से प्राप्त ज्ञान को लोक कल्याण के साथ तकनीक से परिपूर्ण कर रोजगार परख बनाना भी हैं। नई शिक्षा नीति में इस बात का भी ख्याल रखा गया हैं। ज्यादातर लोगों का मानना हैं कि समावेशी और लोकहितकारी शिक्षा के लिये हमें शार्टकट मार्ग छोड़ना होगा। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे जनसंख्या बाहुल्य राज्यों में अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया में पलीता लगाकर उसे न्यायालयों की चकरघिन्नि में उलझा दिया जाता है। जिससे विद्यालयों में योग्य अध्यापकों का अभाव बना हुआ हैं, जिसे खत्म करना होगा। हमें शिक्षा को सरल और अवसर युक्त बनाने के लिये सूचना एवं प्रौद्योगिकी के प्रयोग के साथ नवाचार को बढ़ावा देना होगा। शिक्षा को सरकारी हाथों से निकालकर निजी क्षेत्रों में लाने के लिये उसके नियमन को आसान बनाना होगा।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में देश के युवाओं का आवाहन करते हुये बार बार यह कहते हैं कि भारत के युवाओं को सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनना होगा क्योंकि हमारे देश में प्रतिभाओं कि कमी नहीं हैं। जरूरत इस बात की हैं कि उन्हें अपने शैक्षिक ज्ञान को अवसर में बदलने के लिये प्रयास करना होगा। सरकार भी इसके लिये तमाम योजनाएं लेके आयीं। स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया और अब वोकल फार लोकल आदि के माध्यम से शिक्षित युवाओं को एक ऐसा वातावरण देने की कोशिश की गई हैं जिसमें वे अपने लिये अवसर बनाते हुये नई पीढ़ी के लिये एक सुनहरे भविष्य का मार्ग प्रशस्त करें। उनका मानना हैं कि इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा, देश का आर्थिक विकास होगा और आने वाले समय में रोजगार कि तलाश में भटक रहें युवाओं को वो सभी अवसर प्राप्त होंगे जिससे उनकी दशा और दिशा सुधरेगी।

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