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    जनशिकायतों पर शासनादेश की धज्जियां उड़ा रहा विद्युत उपकेंद्र सिकरारा, अफसर बेखबर | #NayaSabera

    • आपूर्ति से संबंधित समस्या की जानकारी दिए जाने के बावजूद भी दुरुस्त करने में करते हैं आनाकानी
    • पावर हाउस से जेई व एसडीओ अक्सर रहते हैं नदारद, कर्मचारी करते हैं अपनी मनमानी
    • विद्युत आपूर्ति से संबंधित फाल्ट को दुरूस्त करने के नाम पर चल रहा भ्रष्टाचार का खेल
    शेर बहादुर यादव
    सिकरारा, जौनपुर। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जहां बिजली दुर्व्यवस्था सुधारने के लिए अपने आला अधिकारियों को समय-समय पर उचित दिशा निर्देश देते रहते हैं, वहीं बावजूद इसके कहीं कहीं विभागीय अधिकारी व कर्मचारी जनहित की समस्याओं को दरकिनार करते हुए लापरवाही करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार को भी बखूबी बढ़ावा देते हुए देखे व सुने जा रहे हैं जबकि शासन से आदेश है कि बिजली से संबंधित फाल्ट पर  विभाग के कर्मचारी तुरंत ध्यान देकर उसे दुरुस्त कराएं लेकिन सरकार के आदेश—निर्देशों को भी विभाग के भ्रष्ट जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी रद्दी की टोकरी में डालते हुए निडर होकर अपनी मनमानी करने में जुटे हुए हैं। उनकी इस मनमानी से कहीं न कहीं उपभोक्ताओं व जरूरतमंद लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला है जिले के सिकरारा क्षेत्र में स्थित विद्युत उपकेंद्र सिकरारा का, जहां पर बिजली आपूर्ति से संबंधित फाल्ट की शिकायत स्थानीय पावर हाउस पर लोगों द्वारा दर्ज कराने के बावजूद भी उक्त केंद्र पर तैनात कर्मचारियों द्वारा जरूरी समस्या को ठीक न करके उन्हें पावर हाउस के कई चक्कर लगाने के लिए मजबूर किया जाता है।
    जनशिकायतों पर शासनादेश की धज्जियां उड़ा रहा विद्युत उपकेंद्र सिकरारा, अफसर बेखबर | #NayaSabera

    उक्त पावर हाउस की दुर्व्यवस्था के विषय में बताते चलें कि यहां पर न तो समय से जरूरी बिजली आपूर्ति के फाल्ट को ठीक किया जाता है और न ही विभाग के बड़े अधिकारी लोगों की दुर्व्यवस्था पर ध्यान देते हैं। यहां पर लाइनमैन से लेकर अन्य स्टाफ तक सब अपने मस्ती में मस्त रहते हैं।किसी को किसी की समस्या से कोई लेना देना नहीं होता यहां तक की बड़े अधिकारी एसडीओ व जेई खुद नदारद रहते हैं, तो ऐसे में लापरवाही होना आम बात हो जाता है यहां पर लापरवाही के संबंध में बताया जाता हैं कि गुलजारगंज निवासी युवा समाजसेवी शिवप्रसाद अग्रहरि ने विगत सात जुलाई को खंभे से वायर का कनेक्शन ढीला होने की शिकायत खुद जाकर पावर हाउस पर वहां के स्टाफ रविन्द्र के पास दर्ज कराई थी जिसमें कहा गया था कि अभी पावर चालू है अतः अगले दिन 8 जुलाई की सुबह 8 बजे के बाद किसी लाइनमैन को भेजकर सही करवा दिया जाएगा, लेकिन वायर नहीं जोड़ा गया। प्रार्थी पुनः 10 जुलाई को भी पावर हाउस पर गया। इस दौरान भी उसे कर्मचारी द्वारा पावर सही करने की बात कही गई, लेकिन मामूली सा काम खंभे से ढीला वायर नहीं जोड़ा गया यहां तक की प्रार्थी द्वारा एसडीओ सिकरारा रंजीत कुमार व जेई सिकरारा रामा सिंह व नोडल अधिकारी सिकरारा को भी इस दुर्व्यवस्था की जानकारी दी गई, फिर भी इसका कोई मतलब नहीं निकल सका। सूत्रों की अगर मानें तो उक्त पावर हाउस पर इन दिनों भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है, जिसमें ऊपर से लेकर नीचे तक सभी मिले हुए हैं। क्षेत्र में तमाम बिजली कनेक्शन अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं। जिससे कर्मचारियों की मोटी कमाई हो रही है इसलिए शायद वह छोटे मोटे कामों पर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझते। इसके अलावा चलती पावर सप्लाई के दौरान अपनी निजी कमाई के चक्कर में शटडाउन कर मुंहमांगा पैसा देने वाले लोगों का बिजली फाल्ट सही करते है जहां पर विभाग के कर्मचारियों के लिए मुहमांगी रकम मिलती है। वहां के लोगों द्वारा बिजली आपूर्ति से संबंधित फाल्ट की शिकायत पावर हाउस पर करने की जरूरत नहीं होती।

    इसके अलावा सिकरारा पावर हाउस से मछलीशहर फीडर पर सप्लाई की जा रही बिजली आपूर्ति का कोई समय सारणी भी नहीं रहता। कब लाइट आएगा, कब जाएगा इसका कोई टाइम टेबल फिक्स नहीं रहता। इस उमस वाली गर्मी के मौसम में व बारिश में मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए एकमात्र बिजली पंखा आदि विकल्प के तौर पर है लेकिन विभाग तथा विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते लोगों की समस्या और भी बढ़ जाती है। उपरोक्त समस्या के संदर्भ में जिले में उच्च पदों पर बैठे जिम्मेदार लोगों को उपरोक्त समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यक कड़े कदम उठाने चाहिए।

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