• Breaking News

    पिटाई से घायल अधेड़ की मौत, देर शाम तक दुकान का खुलना ही बना कारण | #NayaSabera

    प्रवीण मिश्रा
    सुरेरी, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र में बीते सोमवार की शाम को किराने की दुकान पर दुकानदार और ग्राहक के बीच हुए नोकझोंक में बीच-बचाव करना अधेड़ को पड़ा भारी, नाराज ग्राहक परिजनों संग पुन: दुकान पर पहुंचकर बीच-बचाव करने वाले अधेड़ की जमकर पिटाई कर दी थी जहां गंभीर रूप से घायल अधेड़ का उपचार के दौरान मौत हो गया। वहीं कानूनी दांव पेंच में फंसने की वजह से पोस्टमार्टम के लिए पीड़ित परिजन दो जिलों का चक्कर लगाने को विवश हैं।
    पिटाई से घायल अधेड़ की मौत, देर शाम तक दुकान का खुलना ही बना कारण | #NayaSabera

    जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के सरायडीह गांव में कोरोना काल के दौरान सुरेरी पुलिस की लापरवाही के चलते देर शाम तक दुकान खुली रहने की वजह से उक्त गांव निवासी सैफउल्ला किराने की दुकान पर सुर्ती लेने के लिए सोमवार की शाम लगभग आठ बजे पहुंचे, जहां दुकानदार और ग्राहक में कम पैसे की सुर्ती ना देने की बात को लेकर नोकझोंक होने लगा तो वहीं उक्त दुकान पर पड़ोसी गांव बासूपुर निवासी डॉ. शमीम पहले से ही कुछ सामान लेने के लिए गए थे जहां दुकानदार और ग्राहक में नोकझोंक देख बीच बचाव करने लगे बीच-बचाव के दौरान डॉक्टर समीम द्वारा कही गई बात उक्त ग्राहक को नागवार गुजरी तो उक्त व्यक्ति द्वारा घर पहुंचकर परिजनों संग पुन: दुकान पर पहुंचकर बीच-बचाव करने वाले डॉक्टर समीम की जमकर पिटाई कर दी गई। गंभीर रूप से घायल डॉ. शमीम का उपचार वाराणसी के ट्रामा सेंटर में चल रहा था जहां उपचार के दौरान बुधवार की भोर में डॉक्टर ने दम तोड़ दिया। परिजनों द्वारा पहले मृतक के शव को जौनपुर जनपद स्थित अपने निवास गांव सरायडीह लेकर पहुंचे तो कानूनी दांवपेच के चलते जिले में पोस्टमार्टम ना होने की बात पर पुन: पोस्टमार्टम कराने को लेकर वाराणसी जाना पड़ा जहां आवश्यक कोरम पूर्ति कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, तो वहीं अधेड़ के मौत की सूचना पर सुरक्षा की दृष्टि से सुरेरी पुलिस मृतक के घर पर डटी रही।

    देर शाम तक किराने की दुकान का खुलना ही बना मौत का कारण
    स्थानीय लोगों की मानें तो यदि जिला प्रशासन द्वारा दुकान के संचालन करने के फरमान का सही तरीके से स्थानीय पुलिस अनुपालन करायी होती तो दो बजे के बजाय आठ बजे तक क्यों खुली रहती किराने की दुकान। इस दुकान के अक्सर देर शाम तक खुले रहने की जानकारी पर ग्रामीण समेत अगल-बगल गांव के लोग देर शाम तक खरीददारी करने के लिये दुकान पर आते जाते रहते थे, ग्रामीणों का आरोप है कि यदि देर शाम तक जिला प्रशासन के आदेशों को ताक पर रख बेखौफ किराने के दुकान का संचालन नहीं हुआ होता तो बच सकती थी शमीम की जान।


    Youtube :



    Ad

    Ad


    Ad

    No comments