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    कोरोना काल में युवा चित्रकार भूपेंद्र अस्थाना ने किया पेपर मैसी में नया प्रयोग | #NayaSabera

    आज़मगढ़। रचनात्मकता कभी एक आदर्श क्षण के लिए इंतजार नहीं करती है बल्कि एक आदर्श क्षण का उद्घाटन तब ही होता है जब कोई रचनाकार के माध्यम से रचना जन्म लेती है।

    कोरोना जैसे महामारी के चलते पिछले कई हफ्तों से सभी लोग अपने और अपने परिवार के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घरों में हैं यह एक एकांतवास की स्थिति है। ऐसे में लोग समय का सदुपयोग भी कर रहे हैं जैसे कि नए रचनात्मक कार्य कर रहे हैं। 

    कहां हमें एक पल की फुर्सत नहीं होती थी अपने और अपने परिवार के लिए और आज हम उस भागमभाग की ज़िंदगी से एक सुकून वाली स्थिति में हैं। भले ही हम इस बीमारी के चलते ही। या यों कहें कि कोरोना ने हमारे जीवन के कार्य कलाप को बदल कर रख दिया है, हमारे जीवन शैली को बदल दिया है। आज प्रकृति भी प्रदूषण मुक्त है। काश हम ऐसे ही वातावरण को संभाल कर सकें।

    इन दिनों कलाकार अपने अपने घरों में रहकर नई रचना, नए प्रयोग तथा कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अपने कला का उपयोग भी कर रहे हैं। कहीं पेंटिंग, वाल पेंटिंग या किसी अन्य माध्यमों का प्रयोग।
    इसी कड़ी में युवा चित्रकार भूपेंद्र कुमार अस्थाना भी मूर्तिकला में नए प्रयोग कर रहे हैं। दरअसल यह प्रयोग पल्प विधि है जिसे पेपर मैसी या कागज की लुगदी भी कहते हैं। लॉकडाउन के चलते कला सामग्री की उपलब्धता न हो पाने के कारण भूपेंद्र ने घर में रखें रद्दी अखबारों, पुराने कागज़ों को ही अपने कला का माध्यम बना लिया। 

    वैसे तो पेपर मैसी बहुत ही पुरानी पद्धति है जिसका प्रयोग बड़ी संख्या में बहुत से कलाकारों ने किया है। इसके माध्यम से मास्क (मुखौटा), खिलौने, पपेट के अलावा भी बहुत सी चीजें बनाई जा सकती हैं। यह बहुत ही आसान होता है। हम अपने घरों में रहकर इसके माध्यम से अपने कल्पनाओं को सुंदर आकर दे सकते हैं।

    भूपेंद्र अस्थाना ने इस दो महीने के लॉक डाउन के दौरान कई पोर्ट्रेट, खिलौने बनाये तथा लोगों ने भी इसका भरपूर लाभ उठाया। कलाकार का मानना है कि रचनात्मक कार्यों के लिए किसी विशेष समय का इंतजार नहीं किया जाता बल्कि हर पल कलाकार अपनी रचनाओं में ही रहता है और हर पल प्रयोग करता रहता है। इन दिनों कलाकारों ने अपने कला के प्रदर्शन के लिए सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया का भरपूर प्रयोग कर रहे हैं। लाइव वर्कशॉप, चर्चा, कला प्रदर्शनी, कला पर बात चीत इत्यादि।

    Youtube : Naya Sabera | Jaunpur Live 



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