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    जौनपुर : अमीक जामेई ने CM योगी से कहा — कड़े फैसले लीजिए, जनता आपके साथ है

    जौनपुर। देश के सेकुलर छवि के चर्चित युवा अमीक जामेई ने कोविड 19 की रोकथाम में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुधवार को पत्र लिख कुछ सुझाव दिए है। उन्होंने कहा है प्रदेश की 23 करोड़ जनता आपके साथ है कड़े फैसले लीजिये, उनका यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
    जौनपुर : अमीक जामेई ने CM योगी से कहा — कड़े फैसले लीजिए, जनता आपके साथ है

    उन्होंने पत्र में कहा है कि 
    1. कोविड 19 कोरोना वायरस से लड़ने में पूरा उत्तर प्रदेश आपके और देश के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी के साथ खड़ा है। बीती रात आपके दूध, सब्ज़ी ज़रूरी सामान घर पहुंचाने वाले विडियो से जनता को राहत मिली है वहीं सरकारी अस्पतालों में मास्क तक न होने की ख़बरें परेशान भी कर रही है, इस समय जब यूपी मे जब स्वास्थ सेवाएं चरमरा चुकी है तो इस महामारी से लड़ने के लिए आप जब हमेशा की तरह कड़े फै़सले ले रहे है तो बतौर ज़िम्मेदार नागरिक आपसे कुछ ज़रूरी बातों का अनुरोध करना चाहता हूँ।
    2. पहला यह की उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में ‘मुख्य विकास अधिकारी’ के फंड में विधायक, विधान परिषद सदस्य, सांसद व जनता द्वारा 5 करोड़ के फंड इकठठा करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाये. जिसमें 5 करोड़ राज्य सरकार प्रत्येक जिले को फौरन दे दे, ज़िले का एक अकाउंट नंबर/बार कोड जारी हो हम आम नागरिक भी सहयोग कर सके, इस फंड से अस्थायी तौर पर स्कूलों व बैंकिट हॉल में 1000 बेड का हस्पताल बनाया जाये जिसमें कोरोना टेस्ट किट, लैब, मास्क व दवाईयाँ मुहैया हो. उपरोक्त फंड द्वारा प्रमुख रूप से 1 महीने का राशन ग्राम प्रधान/सेक्रेटरी द्वारा चिन्हित गरीब परिवारों को 2000/रु की ‘‘फूड बासकेट’’(दाल, चावल, तेल, दूध पाउडर, मसाले) सरकार द्वारा मुहैया कराई जाये तथा इसकी डिलवरी लोकल पुलिस/आशा बहनें व वालंटियर के सहयोग द्वारा पूरी सावधानी से गाँव गाँव तक पहुंचायी जाये क्यूंकि अगर लोग अपने घरों से बाहर निकलते है तो संक्रमण बढ़ने की संभावना होगी।
    3. दूसरा जिले के जो प्राइवेट हस्पताल/लैब है उनको इस समस्या से निपटने के लिए प्राइवेट अस्पतालों का ‘‘राष्ट्रीकरण’’ कर दिया जाये, कोविड 19 से सम्बंधित खून की जाँच के लिए लैब 4500 चार्ज कर रहे है उसे उपरोक्त बजट से दिया जाए या उसका ख़र्चा सरकार वहन करें, क्योंकि 4500/ चार्ज नागरिकों का दे पाना मुश्किल है. ज़िले में जो भी प्राइवेट MBBS, BAMS, BUMS डॉक्टर है इन्हें सरकार साल भर के लिए अनुबंधित कर मदद लें।
    4. ऐसी सूचनाएं आ रही है कि समाज व कानून के संकोच के कारण कोविड 19 कोरोना वायरस से पीड़ित रोगी अपनी पहचान बताने से बच रहे है, इसलिए ऐसी सूचना देने वाले को उचित इनाम दिया जाये।
    5. आप को पता है अख़बार पहुंचाने वाले, टेलर, मोची, खोमचे रेहड़ी, रिक्शा खींचने वाले/गुब्बारा बेचने वाले, सपेरे, सड़क किनारे पानी बेचने वाले, नाईट शेल्टर में रहने वाले ऐसे अन्य लोग बेरोज़गार हो गए है, इनके लिए “फूडकिट” मासिक की श्रेणी के ज़रिए खाने की व्यवस्था कराई जानी चाहिए।
    6. लोकल पुलिस के साथ ग्राम प्रधान/पार्षद, समाजसेवी से जुड़ी एक फौरी टीम मोहल्ला स्तर पर एक्टिव की जाए,  जिससे अगले 48 घंटे में ये पहल ज़मीनी स्तर पर शुरू की जा सके।
    7. उत्तर प्रदेश के सभी अधूरे अस्पतालों को 6 महीने में बनाने का लक्ष्य बनाये और कोविड 19 कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार केरल की तरह राष्ट्रीय आपदा से निबटने के लिए 20,000 करोड़ बजट एलोकेट करे, सरकार बंद पड़ी एम्बुलेंस को शुरू करें और नई एम्बुलेंसेस न्याय पंचायत स्तर पद मुहैया कराए। 
    8. क्या यह मुमकिन है कि उत्तर प्रदेश की ओवर क्राउडेड जेलों में छोटे—मोटे मामले में कैदियों को रिहा कर दे या अन्य कै़दियों को पेरोल व फलों पर रिहा किया जा सकता है, इसके साथ जेलों को क्वारिंटीन किया जाए।

    उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता उपरोक्त कदम उठाये जाने पर आपके साथ है।


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