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    Jaunpur : पत्रकार पर पाँच लाख रंगदारी मांगने का आरोप, कार्रवाई की मांग

    जौनपुर। जिले के नेवढ़िया थाना क्षेत्र के कसियांव गांव निवासी रमाशंकर सिंह पुत्र राजपति सिंह ने थाने में तहरीर देकर पत्रकार पर पाँच लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं पीड़ित रंगदारी देने से मना कर रहा है तो पत्रकार द्वारा उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की भी धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से न्याय की मांग की है।

    पीड़ित द्वारा थाने में दी गयी तहरीर में यह बताया गया है कि कौशल पाण्डेय पुत्र अकबाली पाण्डेय ग्राम कनावां थाना मड़ियाहूं व उनके सहयोगी वृगनाथ गौड़ निवासी भगौनी कालोनी दीवानी कचहरी के पास हरईपुर थाना लाइन बाजार पीड़ित को डरा धमकाकर पाँच लाख रुपये रंगदारी मांग रहे है। पैसा न देने पर पुलिस की मदद से फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी दे रहे है। कौशल पाण्डेय अपने आपको पत्रकार बताते हैं जबकि कौशल पाण्डेय आपराधिक किस्म के व्यक्ति है। कौशल पाण्डेय के विरुद्ध मड़ियाहूं कोतवाली में 419, 420, 467, 468, 471 आईपीसी धारा सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज है। कौशल पाण्डेय पीड़ित को उसके मोबाइल पर फोन कर बार-बार रंगदारी की मांग करते है और पैसा न देने पर कौशल पाण्डेय अपने सहयोगी भृगुनाथ गौड़ के मिली भगत से प्रार्थी को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देते है। बार-बार कौशल पाण्डेय द्वारा फोन कर पैसा मांगने के कारण पीड़ित को अपना मोबाइल अधिकतर बंद रखना पड़ रहा है। पीड़ित ने नेवढि़या थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी जोन वाराणसी, डीएम जौनपुर, एसपी जौनपुर, सीओ मड़ियाहूं को भी शिकायत की कॉपी दी गयी है।

    Jaunpur : किसी की मदद करना पड़ रहा भारी, मुझे फंसाया जा रहा : कौशल पाण्डेय
    https://www.nayasabera.com/2020/02/jaunpur_367.html

    जौनपुर। अपने ऊपर पांच लाख की रंगदारी जैसे रंगीन आरोपों को निराधार बताते हुए मड़ियाहूं के पत्रकार कौशल पाण्डेय ने नया सबेरा डॉट कॉम को बताया कि स्टेट बैंक आफ इंडिया के फील्ड आफिसर भृगुनाथ गौड़ के पुत्री व कुछ अन्य लोगों का नौकरी दिलाने के ​नाम पर रमाशंकर निवासी ग्राम कसियांव नामक व्यक्ति ने 20 लाख 80 हजार रूपये ले लिया और फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। जब सच सामने आया तो भृगुनाथ गौड़ के होश उड़ गये। इसी दौरान उन्होंने रमाशंकर से कई बार रूपये मांगें लेकिन वह आना—कानी करता रहा। ​इसी बीच मेरी उनसे मुलाकात हो गयी और उन्होंने पूरी जानकारी मुझे बतायी।  मड़ियाहूं में फील्ड आफिसर के पद पर तैनाती होने के नाते वह हमारे पुराने परिचित थे तो मैंने उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया और इसलिए मुझे बदनाम किया जा रहा है।
    पांच लाख रूपये की रंगदारी मांगने की खबर को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने पूरा घटना बताते हुए कहा कि जब भृगुनाथ पाण्डेय स्टेट बैंक आफ इंडिया मड़ियाहूं शाखा के फील्ड आफिसर थे तभी उनकी मुलाकात रमाशंकर से हुई थी। रमाशंकर ने भृगुनाथ को विश्वास में लेकर उनकी पुत्री और कुछ अन्य लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने की बात कही। उसके झांसे में आकर भृगुनाथ ने उसे 20 लाख 80 हजार रूपये दे दिया। कुछ दिन बाद रमाशंकर ने उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया जब सच्चाई सामने आयी तो भृगुनाथ के होश उड़ गये। वह रमाशंकर से अपना रूपया मांगने लगे। इस पर भृगुनाथ आनाकानी करने लगा।
    कौशल पाण्डेय ने बताया कि इसी बीच भृगुनाथ की मुलाकात मुझसे हो गयी। भृगुनाथ ने मुझे पूरी जानकारी दी तो मैंने नेवढ़िया थाने में तहरीर दिलवायी और रूपया निकालने में उनकी मदद की बात कही। इसी बीच साजिश के तहत मुझे आरोपियों द्वारा बदनाम करने के लिए फंसाया जा रहा है जबकि मेरा सिर्फ इतना दोष है कि मैंने एक पत्रकार के नाते भृगुनाथ की सहायता की और मेरा कोई दोष नहीं है। पांच लाख रूपये रंगदारी मांगने की खबर पूरी तरह से निराधार है। उन्होंने एसपी को पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगायी है।


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