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    *"जश्न-ए-किताब"* 21-22 मार्च, 2020

    *जौनपुर, उत्तर प्रदेश की तिलक लाइब्रेरी की स्थापना के सौ साल के मौके पर दो दिवसीय आयोजन*
    दोस्तों , 
    1920 में बाबू रामेश्वर प्रसाद ने जौनपुर के नागरिकों के सहयोग से शहर को सुरुचिपूर्ण बनाने के उद्देश्य से तिलक पुस्तकालय की स्थापना की. आज़ादी के बाद हिन्दी भवन की स्थापना हुई. तिलक लाइब्रेरी और हिन्दी भवन की स्थापना ने जौनपुर शहर में साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रेरित किया. ये दोनों स्थान शहर जौनपुर की सबसे खास और सक्रिय सांस्कृतिक जगह बन गए.
     शहर जौनपुर की सांस्कृतिक-साहित्यिक दुनिया में सक्रिय हस्तक्षेप करने वाले तिलक लाइब्रेरी की स्थापना के इस वर्ष सौ साल पूरे हो रहे हैं.इस मौके पर हम 21-22 मार्च को दो दिवसीय आयोजन ‘ जश्ने किताब ’ कर रहे हैं. इस आयोजन का खास उद्देश्य उत्तर भारत में जमीन पकड़ रहे लाइब्रेरी आन्दोलन को मजबूत बनाना है. इस आयोजन के साथ ही हर वर्ष देश के अलग-अलग स्थानों पर आयोजित होने वाले लाइब्रेरी सम्मेलनों की शुरूआत होगी.
    इस दो दिवसीय आयोजन में देश के विभिन्न स्थानों से लाइब्रेरी संचालित कर रहे और जन सामान्य को किताबों की दुनिया से जोड़ने की मुहिम में लगे एक्टिविस्ट, लेखक, संस्कृति कर्मी इकट्ठे होकर लाइब्रेरी आंदोलन की कार्ययोजना बनाएंगे। 
    इस मौके पर तिलक लाइब्रेरी के अहाते में न सिर्फ एक बड़ा पुस्तक मेला आयोजित किया जायेगा बल्कि जौनपुर को ठीक से जानने के लिहाज से शहर के जानकार और प्रसिद्ध लेखक अजय कुमार आयोजन में शामिल सभी लोगों को प्रसिद्ध अटाला मस्जिद की सैर करायेंगे. दास्तानगोई के साथ साथ खतों के जरिये किस्सागो संजय मट्टू और समन हबीब हिन्दुस्तान के प्रगतिशील सांस्कृतिक आन्दोलन के किस्से साझा करेंगे. आमिर अजीज का गायन होगा तो  प्रतिरोध का सिनेमा की टीम बच्चों को सिनेमा की दुनिया की सैर कराएगी. मुंबई के कलाकार नितिन द्वारा अजय कुमार के पोस्ट कार्डों पर की गयी चित्रकारी और उसकी प्रदर्शनी इस जश्न के मौके को खास बनायेगी. नितिन की पेंटिंग और वरिष्ठ पत्रकार प्रभात की फोटो प्रदर्शनी भी आपको आकर्षित करेगी. . 
    दोस्तों, इस जरुरी मौके और इस पहल को सफल बनाने में हमें पूरी उम्मीद है कि आपका न सिर्फ सुझाव मिलेगा बल्कि ठोस आर्थिक मदद भी. आर्थिक मदद इसलिए क्योंकि यह पूरा आयोजन किसी कार्पोरेट, एनजीओ की मदद से नहीं बल्कि आम लोगों की मदद से मिल-जुलकर किया जा रहा है. जिस तरह यह लाइब्रेरी बनाई गई थी, उसी तरह जन सहयोग से आज हम एक सामूहिक प्रयास से सौ साल बाद इसके महत्व को रेखांकित करते हुए लाइब्रेरी आंदोलन का व्यवस्थित रूप से आगाज करना चाहते हैं.

    उम्मीद है कि पढ़ने-पढ़ाने की मुहिम में आपका साथ और सहयोग हमें मिलेगा. आप हमें हिंदी भवन के बैंक खाते  ( A/C Name: Hindi Bhawan,A/C No. 301502000000099,IFSC Code: IOBA0003015
    Jaunpur (U.P.),Code:3015 )में अपना आर्थिक सहयोग दे सकते हैं.
    धन्यवाद
    अजय कुमार 
    (अध्यक्ष) हिंदी भवन जौनपुर

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