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    Jaunpur : अमीरों तुम्हारे मुंह में गरीबों के निवाले है...


    • भैंसा में मकरसंक्रांति की रात्रि कवि सम्मेलन और मुशायरा

    अच्छे लाल यादव
    थानागद्दी, जौनपुर। चंदवक थाना क्षेत्र के बंशीपुर मोड़ भैंसा स्थित जगदीश पाठक के आवास पर मकर संक्रांति के पर्व पर सहभोज कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस मौके पर कवियों और शायरों ने देर रात्रि तक कविता, नज्म, गजल, शायरी, हास्य और व्यंग्य की फुलझड़ियाँ छोड़ी।
    संचालन करते हुए डा. बहादुर अली खान मीनाई ने लूट, खसोट, भ्रष्टाचार पर जहां प्रहार किया वहीं गरीबों के लिए अमीरों को चेताते हुए कुछ इस तरह कविता पढ़ी-अमीरों तुम्हारे मुँह में गरीबों के निवाले है...। देश में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों पर कटाक्ष करते हुए पवन पांडेय ने ना खून बहाओ, ना अमन चैन बिगाड़ो... सुनाया तो खूब तालिया बजी। 
    विकास का खाका खींचते हुए राजदेव राज ने पढ़ा तरक्की हो चहुंओर, मुल्क मालामाल हो जाये...। रामबचन निर्झर ने कन्या भ्रूण हत्या पर रचना लिंग जानने हेतु गर्भ की जांच कराना ठीक नहीं सुनाया तो सब सोचने पर मजबूर हो गए तो साहब लाल सहज की राष्ट्रभक्ति कविता झंडा तिरंगा कभी झुकने न पाए चाहे सिर कटे स्वाभिमान ऐसा चाहिए खूब सराही गयी। डा. एजाज बनारसी ने सीएए मुद्दे पर हो रहे प्रदर्शन को कविता में कुछ इस तरह पिरोया हमारे हाथ में पत्थर थमा दिया किसने हमें भी भीड़ का हिस्सा बना दिया किसने। बृजेश लहरी की देवी गीत ललकी चुनरिया चटकार चुनरी ओढ़ले बानी पर श्रोता झूम उठे। 
    भैयालाल पांडेय की रचना बंदेमातरम को न तौलो समझ करके बोलो श्रोताओ को जोश में ला दिया। सूबेदार पांडेय की व्यंगात्मक कविता प्लास्टिक क ओढ़ना प्लास्टिक बिछौना प्लास्टिक से न छूटल कउनो कोना सुन सभी लोटपोट हो गए। उमाशंकर रघुबंशी और मुन्ना घायल की गजल सुन श्रोतागण झूम उठे। सुशील भिड़ंत, राजेंद्र यादव प्रशांत, रामधनी राय ने भी कविता पाठ किया। अध्यक्षता अनूप पाण्डेय ने किया। मुख्य रुप से स्वामी प्रवीणाणंद जगदीश पाठक, नरेंद्र पाण्डेय, मोलाई पाल तथा अशोक पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।
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