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    Mirzapur News : तीन किलोमीटर की रोड पर तीस स्पीड ब्रेकर | #NayaSabera

    मनीष कुमार पाण्डेय | नया सबेरा ब्यूरो

    मीरजापुर। जहां एक तरफ सरकारें रोड निर्माण से विकास का दावा करती हैं वहीं रोड का बिगड़ा स्वरूप सरकारी दावों की पोल खोल रहा है। देश की उच्च अदालतों ने रोड बनाते समय स्पीड ब्रेकर पर रोक लगाने पर सख्त आदेश दिया हुआ है फिर भी यह अनावश्यक कार्य रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जहां एक तरफ रोड खुद ब खुद स्पीड ब्रेकर तो क्या बल्कि गढ्ढे का रूप धारण करके राहगीरों की कमर तोड़ने का कार्य कर रही है, वहीं सड़कों पर गति अवरोधक की भरमार देखी जा रही है। ऐसा कृत्य खासकर ग्रामीण इलाकों में ज्यादा देखने को मिलता है। लोग जबरन अपने घर,  स्कूल, अस्पताल, सार्वजनिक स्थल, शादी विवाह स्थल जैसी जगहों पर रोड बनते समय या बाद में स्पीड ब्रेकर बनाने बनवाने का काम कर अपना शौर्य प्रदर्शन रहे हैं। वैसे भी हर जगह अतिक्रमण ही देखने को मिलता है और सड़क पर अतिक्रमण करने का तो मानो मानवाधिकार ही है।

    गति अवरोधक के मामले तो जनपद भर में ही नहीं देशभर में मिलेंगे लेकिन मात्र जनपदभर के सड़कों पर अवैध रूप से निर्मित गति अवरोधक की बात करें तो एक मामला सदर तहसील के छानबे क्षेत्र के गौरा गांव का है । जहां 3 किलोमीटर के एक गौरा - मनिकठी मार्ग पर 30 स्पीड ब्रेकर मौजूद हैं । यहां लोग रोड पर ही खेलते- खाते,  नहाते- धोते हैं और बच्चों का पार्किंग स्थल भी रोड ही है। खुद की खाट तो रोड के किनारे डालते ही हैं अपने पशुओं को भी रोड़ के किनारे पर ही बांधते हैं। उपरोक्त सभी कार्य को निर्बाध रूप से करने के लिए जो कुछ रोड बचता भी है उसे ब्रेकर से परमानेंट कब्जा कर यात्रियों की गति प्रभावित  किया जाता है। इतना ही नहीं यहां शादी विवाह के उत्सव पर तो लोग अतिरिक्त ब्रेकर बनाकर अतिक्रमण करने का कार्य करते ही हैं। इतने पर भी जो कोई राहगीर होशियारी से इधर उधर, दाएं बाएं से निकलने का प्रयास करता है तो अतिरिक्त पत्थर भी गति अवरोधक के दोनों किनारों पर रखकर गति प्रभावित किया जा रहा है। इतना ही नहीं रोड से सटा कर दीवाल या बाउंड्री वॉल, या बोल्डर रखकर लोग सडक को सकरी बना दिया गया है। ऐसे में जब दो बड़े वाहन ऐसी रोड से गुजरने को मजबूर होते हैं तो जाम की समस्या का सामना सभी राहगीरों को उठाना पड़ता है।

    ऐसे में राहगीरों को न सिर्फ गाड़ी चलाने में तकलीफ होती है बल्कि वाहन सवार व्यक्ति को भी अटपटा लगता है और यात्रा के दौरान काफी चोटें आती हैं। डिलीवरी के वक्त लगता है कि रास्ते में ही डिलीवरी हो जाएगी जबकि कमर के मरीजों को  वाहन पर उठापटक होने पर बहुत दुख दर्द झेलना होता है।

    वाहन चालक ज्यों ही अपनी स्पीड बढाता है त्यों ही अगला स्पीड ब्रेकर आ जाता है। हद तो तब हो जाती है जब अचानक ब्रेकर आ जाता है। आंकड़े के मुताबिक तो हर सौ मीटर पर एक गति अवरोधक का एवरेज बनता है लेकिन मौके पर अनिश्चित दूरी पर अनगिनत गति अवरोधक मिलते हैं । कहीं एक ही जगह पर कई गति अवरोधक बनाया गया है तो कहीं सौ पचास मीटर की दूरी तक एक भी नहीं है। 

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