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    Jaunpur News : तो क्या नाली निर्माण का पैसा डूब गया इस स्टेशन पर | #NayaSabera

    नया सबेरा नेटवर्क
    जौनपुर। कुछ वर्ष बीत जाने के बाद अब एहसास होने लगा है कि जौनपुर रेलवे विभाग भी बड़ी बड़ी बातें जरूर करता है किंतु काम 40 फिशदी भी नही करते। वर्ष 2015 में ही जौनपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर नाली निर्माण कार्य शुरू हुआ था जो वर्ष 2019 तक पूरा भी नही हुआ इसके पूर्व अधिकारी बदल गए।
    जानकारी के अनुसार लगभग वर्ष 2015 में जौनपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर नाली निर्माण का कार्य शुरू हुआ। ठीकेदार द्वारा मजदूरों से कार्य को शुरू भी करा दिया गया।सीमेंट बालू भी आवश्यक मात्रा में गिरा दिया गया।परंतु अचानक से ठीकेदार व मजदूर दोनों गायब हो गए।नाली निर्माण हेतु लाया गया बालू भी यात्रियों के पैर के नीचे आते आते मिट्टी में तब्दील हो गया।

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    इसी बीच सहायक अभियंता का तबादला हो गया और नए सहायक अभियंता ने कार्य ग्रहण कर लिया।
    वर्ष 2019 चल रहा है। उन्होंने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नही है लेकिन मैं इसके बारे में जानकारी इकट्ठा करूँगा कि अखिर नाली निर्माण कार्य क्यो रुक गया था।
    बता दें कि जब मोदी राज में इस स्टेशन की माली हालत में सुधार नही हो सका तो अन्य सरकार में क्या उम्मीद की जाय क्योकि साफ सफाई को लेकर मोदी राज में बड़ा गर्म माहौल बन चुका है।रेलवे सुरक्षा बल थाना व कैंटीन  के ठीक सामने खुले में नालियां बह रही है।रेल पटरियों के सपोर्ट के लिए लगाए गए सीमेंटेड सपोर्टर पूरी तरह खुला है, जो पत्थर सीमेंटेड स्पोर्टरों के लिए लाए गए हैं वो नालियों को जाम किये हुए है। एक रुपये में ठंडा पानी भी ठंडे बस्ते में चला गया। तपती गर्मी में यात्रियों को मजबूरन टोटी का गंदा पानी पीना पड़ता है। सबसे बड़ी बात ये है कि 45-48 डिग्री तापमान में ट्रेन से उतरे यात्रियों को या तो 20 रुपये बोतल का पानी खरीदना मजबूरी है या फिर स्टेशन पर तपती धूप में लगाये टोटी का गर्म पानी पीना पड़ता है।
    अगर सफाई का मुद्दा लिया जाय तो प्लेटफार्मो पर कोई सफाई बेहतर नही है, उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय के बैठने की सीट जितनी साफ है उसके ऊपर की दीवार उतनी ही धूल मिट्टी से ढकी हुई है। प्लेटफार्मो के टाइल्स पत्थर उखाड़5कर इधर उधर यात्रियों के पैरों से छटकते रहते हैं। जगह जगह पर गुटखा व पान की थूके नजर आती है।जिसकी जिम्मेदारी लेने से सभी रेलवे कर्मचारी कन्नी काटते हैं।नाली निर्माण का ये जो मामला है उसमें मात्र अभी तक यही साबित हो रहा है कि इस नाली में पानी भले ना बहा हो लेकिम रेलवे का पैसा जरूर बहा होगा।

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