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    Mainpuri News: सर्व समाज के लिए कलंक है भ्रूण हत्याः विश्रुत सागर

    Ashish Dhusia
    नया सबेरा ब्यूरो
    श्रीजी के अभिषेक के साथ हुआ पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन का शुभारम्भ
    पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन हुई माता मरुदेवी की गोद भराई
    सौधर्म इन्द्र ने दरबार लगाकर इन्द्रों के प्रश्नों का उत्तर दिया
    मैनपुरी। मुनिश्री विश्रुत सागर जी महाराज ने कहाकि तीर्थकर की माता नियम से सोलह स्वप्न देखती है और यह इस बात का प्रतीक है कि माता के गर्भ में तीर्थकर बालक का अवतरण होने वाला है। तीर्थकर को जन्म देने के कारण तीर्थकर की मां एक भवावतारी होती है।
    मुनिश्री विश्रुत सागर जी महाराज शहर के करहल रोड स्थित आदिनाथ दिगम्बर बड़ा जैन मन्दिर में चल रहें पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहाकि आज की माताऐं बच्चों की गर्भ में ही हत्या कर देती है। रात में न खाने वाले और पानी छानकर पीने वाले समाज के लिए भ्रूण हत्या कलंक है।
    महोत्सव का दूसरा दिन श्रीजी के अभिषेक के साथ प्रारम्भ हुआ। शान्तिधारा का सौभाग्य राकेश कुमार जैन कानपुर एवं डाॅ0 सौरभ जैन का प्राप्त हुआ। मंत्रोचार मुनिश्री ने किया। नित्य पूजा के पश्चात् नव देवताओं की पूजा की गई। तत्पश्चात् सर्वतोभद्र भवन से महाराज नाभिराम व माता मरुदेवी (प्रथम तीर्थकर आदिनाथ के माता-पिता) की शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ बड़ा मन्दिर पहुंची। जहां मौजूद आपार जनसमूह ने माता की गोद भराई की रस्म को पूरा किया, गोद भराई का सर्वप्रथम वीरेन्द्र जैन किन्हावर के परिवार को मिला।
    सम्पूर्ण कार्यक्रम में अष्ट देवियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अष्ट देवी स्मृति, स्तुति, श्रुति, रिचा, नैन्सी, आशी, गुनगुन, विधि जैन निरन्तर माता मरुदेवी की सेवा में तत्पर रहती है। कार्यक्रम में मयंक जैन, राकेश जैन, आदेश जैन, विचित्र जैन, पंकज जैन विभिन्न इन्द्र के पदों का निर्वाह्न कर रहे है। कार्यक्रम में विशाल जैन जाॅली, प्रमोद जैन, अजय जैन बबलू, शैलेश जैन, दिव्यांश जैन, श्रेयांश जैन, अमन जैन, नमन जैन, तनिष्क जैन आदि का महत्वपूर्ण योगदान है।

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